खैरी में बरसाती नदी ने बदला रुख, 5 घर और उद्योग खतरे में; प्रशासन ने भेजी निरीक्षण रिपोर्ट
कालाअंब (सिरमौर)। खैरी गांव में बरसाती नदी का बदला रुख अब ग्रामीणों के लिए खतरे का कारण बन गया है। लगातार कटाव और भूस्खलन से पांच घरों और एक उद्योग पर खतरा मंडरा रहा है, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के खैरी गांव में पिछले करीब एक वर्ष से बरसाती नदी का बहाव गांव की ओर हो गया है। इसके चलते नदी किनारों पर लगातार कटाव हो रहा है और कई स्थानों पर भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले समय में उनके घरों को नुकसान पहुंच सकता है।
स्थानीय ग्रामीणों रजाक मोहम्मद, हुसैनादीन, शाहरुख, वलीदीन, रमजान, शराफत, लाभ सिंह, मेहरचंद और इल्मदीन ने बताया कि पहले बरसाती नदी का बहाव गांव से काफी दूर रहता था और किसी तरह की परेशानी नहीं थी। पिछले करीब एक वर्ष से नदी ने अपना रुख बदल लिया है और अब यह गांव की ओर बहते हुए किनारों को लगातार काट रही है।
ग्रामीणों के अनुसार नदी के कटाव के कारण भूस्खलन भी हो रहा है। उनके घर नदी के मौजूदा स्तर से करीब 20 से 25 फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं। लगातार कटाव जारी रहने पर घरों की नींव और आसपास की जमीन को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा एक उद्योग भी खतरे की जद में बताया जा रहा है।
प्रशासन ने किया मौके का निरीक्षण
ग्रामीणों ने इस समस्या से जिला प्रशासन को भी अवगत कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार नाहन उपेंद्र कुमार ने टीम के साथ खैरी गांव पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया।
तहसीलदार नाहन उपेंद्र कुमार ने बताया कि खैरी गांव में बरसाती नदी की धारा बदलने से उत्पन्न स्थिति का मौके पर निरीक्षण किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए निरीक्षण रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेज दी गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी के कटाव को रोकने और प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा के ठोस इंतजाम जल्द किए जाएं, ताकि समय रहते जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
