हिमाचल में बरसात थमते ही सड़कों पर बड़ा काम शुरू होने जा रहा है। सरकार करीब 120 करोड़ रुपये खर्च कर प्रदेश की 800 किलोमीटर सड़कों की टारिंग करेगी, जबकि करीब 1500 किलोमीटर सड़कें पहले से निर्माण और उन्नयन के विभिन्न चरणों में हैं।
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश की सड़कों को लेकर सरकार की तैयारियों की जानकारी दी। भाजपा विधायक हंसराज के सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि मौसम साफ होते ही सड़क मरम्मत और टारिंग के काम में तेजी लाई जाएगी।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस समय लगभग 1500 किलोमीटर सड़कों के निर्माण और उन्नयन का कार्य अलग-अलग चरणों में चल रहा है। इसके अलावा बारिश का दौर समाप्त होने के बाद करीब 800 किलोमीटर सड़कों की टारिंग की जाएगी। इस कार्य पर लगभग 120 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
बिटुमेन की खरीद को लेकर वित्तीय अंतर दूर करने का आश्वासन
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण और टारिंग के लिए जरूरी बिटुमेन की खरीद से जुड़े वित्तीय अंतर को दूर करने के संबंध में मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है। इससे विभाग को सड़क कार्यों में तेजी लाने और लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
भूमि संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने में सहयोग मांगा
चर्चा के दौरान लोक निर्माण मंत्री ने विधायक हंसराज से उन क्षेत्रों में सहयोग की अपील की, जहां सड़क परियोजनाओं के लिए भूमि संबंधी औपचारिकताएं अभी लंबित हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से विभाग के नाम गिफ्ट डीड करवाने में सहयोग करने का आग्रह किया, ताकि जमीन से जुड़ी अड़चनों के कारण सड़क परियोजनाओं का काम प्रभावित न हो।
सरकार का कहना है कि बरसात के कारण प्रभावित हुए सड़क कार्यों को मौसम अनुकूल होते ही गति दी जाएगी और प्रदेश के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए चल रही परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर रहेगा।
