हिमाचल विधानसभा में हंगामा: राष्ट्रगान विवाद पर BJP का वॉकआउट, जयराम ठाकुर बोले- ‘CM के आरोपों पर पर्दा डाल रहे स्पीकर’
शिमला। हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सोमवार को राष्ट्रगान के कथित अपमान का मुद्दा फिर गरमा गया। भाजपा विधायक दल ने प्रश्नकाल के दौरान सदन से वॉकआउट किया और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू व विधानसभा अध्यक्ष पर तीखा हमला बोला।
विधानसभा परिसर में प्रदर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन में विपक्ष पर राष्ट्रगान के अपमान का गंभीर आरोप लगाया था। भाजपा ने इस संबंध में विधानसभा की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन रिकॉर्डिंग नहीं दी गई।
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि यदि वीडियो रिकॉर्डिंग सामने आती है तो इससे स्पष्ट हो जाएगा कि विपक्ष के किसी विधायक ने राष्ट्रगान का अपमान नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के बयान को सही साबित करने के लिए रिकॉर्डिंग सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
‘मुख्यमंत्री के बयान पर पर्दा डाल रहे स्पीकर’
नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के आरोपों को स्पष्ट करने के बजाय अध्यक्ष उनके बयान पर पर्दा डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग विपक्ष के लिए महत्वपूर्ण है और इसे उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
वंदे मातरम और राष्ट्रगीत को लेकर चल रहे विवाद पर भी जयराम ठाकुर ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की संसद में राष्ट्रगीत का गायन हो चुका है और संविधान तथा संसद से ऊपर कुछ नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री के कांग्रेस वर्किंग कमेटी के निर्देशों से जुड़े बयान पर भी सवाल उठाए।
विधानसभा परिसर में भाजपा की नारेबाजी
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायक विधानसभा परिसर में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। भाजपा विधायकों ने भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सरकार से जवाब मांगा। इस दौरान मुख्यमंत्री से कथित तौर पर जुटाई जा रही पांच अटैचियों के आरोपों पर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में ऐसी सरकार पहले नहीं देखी, जिस पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हों। उन्होंने कहा कि अटैचियों से जुड़े आरोप कांग्रेस से जुड़े लोगों की ओर से सामने आए हैं, इसलिए सरकार को इन पर तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल आरोपों पर इधर-उधर की बातें करने से मामला खत्म नहीं होगा। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति क्या है।
बेरोजगारी और संस्थानों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
जयराम ठाकुर ने प्रदेश में बेरोजगारी, युवाओं के रोजगार और स्वरोजगार के साथ-साथ सरकारी संस्थानों, स्कूलों और अस्पतालों से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में जनहित से जुड़े कई संस्थानों को बंद किया गया और लोगों को मिलने वाली सुविधाओं में कमी आई है।
उन्होंने प्रदेश में भ्रष्टाचार और अराजकता का माहौल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार पर प्रदेश हितों की अनदेखी और अपने करीबी लोगों के हितों को प्राथमिकता देने के आरोप लग रहे हैं।
भाजपा नेताओं और विधायकों के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर भी नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार को बेरोजगारी, विकास और जनहित से जुड़े सवालों का सदन में जवाब देना चाहिए।
मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रगान विवाद, कथित भ्रष्टाचार के आरोपों और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ता नजर आ रहा है।
