IIM सिरमौर छात्र की संदिग्ध मौत: गंभीर आरोपों के बाद SIT गठित, जांच में संस्थान के रवैये से लेकर साइबर पहलू तक खंगाले जाएंगे
पांवटा साहिब (सिरमौर)। IIM सिरमौर के छात्र प्रारब्ध शुक्ला की संदिग्ध मृत्यु के मामले में अब जांच और तेज होगी। परिजनों की ओर से लगाए गए लापरवाही, सूचना छिपाने, अपर्याप्त निगरानी और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बाद पुलिस अधीक्षक सिरमौर ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
पुलिस थाना माजरा में इस मामले को लेकर अभियोग संख्या 164/2026 धारा 125 व 106(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत दर्ज किया गया है। यह अभियोग अनुपम शुक्ला पुत्र स्व. शशि भूषण शुक्ला निवासी जबलपुर, मध्यप्रदेश की शिकायत पर पंजीकृत किया गया है।
शिकायतकर्ता ने अपने पुत्र स्व. प्रारब्ध शुक्ला, छात्र IIM सिरमौर, की संदिग्ध मृत्यु के संबंध में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कथित लापरवाही, घटना से जुड़ी सूचना छिपाने, पर्याप्त निगरानी नहीं रखने तथा साथी छात्रों और संस्थान के प्रशासन की ओर से धमकाने एवं मानसिक उत्पीड़न के आरोप शामिल हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ता ने वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की थी। इस मांग और मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक सिरमौर ने SIT का गठन किया है।
SDPO पांवटा साहिब होंगे SIT के अध्यक्ष
विशेष जांच दल की अध्यक्षता मानवेन्द्र ठाकुर, HPS, SDPO पांवटा साहिब करेंगे। टीम में पुलिस थाना माजरा के SHO SI कुलदीप सिंह, जांच अधिकारी ASI आशीष कुमार, HC इन्द्रजीत, HC रोहित (प्रभारी साइबर सेल नाहन), HC कमाल खान तथा आरक्षी अशोक कुमार को सदस्य बनाया गया है।
पुलिस के अनुसार SIT मामले की वैज्ञानिक, निष्पक्ष और गहन जांच करेगी। जांच के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए सभी आरोपों के साथ-साथ घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की भी विस्तृत पड़ताल की जाएगी।
इसके अलावा IIM सिरमौर प्रशासन के रवैये और संस्थान की ओर से मामले को लेकर की गई कार्रवाई की भी गहनता से जांच की जाएगी। जांच दल उपलब्ध साक्ष्यों, संबंधित व्यक्तियों के बयानों और आवश्यक तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास करेगा।
पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और मामले से जुड़े सभी पहलुओं को जांच के दायरे में रखा जाएगा।
