सिरमौर में लंपी का बढ़ता खतरा, एक हफ्ते में दोगुने हुए संदिग्ध पशु; 19 की मौत
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर में लंपी जैसे लक्षण वाले पशुओं की संख्या महज एक सप्ताह में दोगुनी होकर 1039 तक पहुंच गई है, जिससे पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। बीमारी के संभावित प्रकोप के बीच 19 पशुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 507 पशुओं का उपचार अभी जारी है।
जिले में सामने आए कुल 1039 मामलों में से 513 पशु उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। शुरुआत में पांवटा साहिब, माजरा, धौलाकुआं और कालाअंब क्षेत्र में ऐसे मामले सामने आए थे, लेकिन अब धारटीधार क्षेत्र के कुछ गांवों में भी लंपी जैसे लक्षण वाले पशु पाए जाने लगे हैं।
पशुपालन विभाग ने संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिले में टीकाकरण अभियान तेज कर दिया है। अब तक करीब 3000 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है, जबकि विभाग के पास 60 हजार वैक्सीन उपलब्ध हो गई हैं। विभाग ने उन क्षेत्रों में भी पहले से टीकाकरण शुरू करने के निर्देश दिए हैं, जहां अभी तक बीमारी के लक्षण सामने नहीं आए हैं।
विभाग के अनुसार बाहरी राज्यों से पशुओं की आवाजाही के दौरान संक्रमण जिले में पहुंचने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में पशुपालकों को फिलहाल बाहरी राज्यों से पशु खरीदने से बचने की सलाह दी गई है। यदि बाहर से पशु लाना जरूरी हो तो स्वास्थ्य जांच करवाने और नए पशु को कुछ समय तक अन्य पशुओं से अलग रखने को कहा गया है।
गोशालाओं में सैनिटाइजेशन की तैयारी
संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में संचालित गोशालाओं में सैनिटाइजेशन की तैयारी भी की जा रही है। 1962 एंबुलेंस योजना से जुड़ी टीमों को गोशालाओं में जाकर पशुपालकों को बीमारी के लक्षण, बचाव और जरूरी सावधानियों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने संक्रमित अथवा संदिग्ध पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने पर विशेष जोर दिया है, ताकि संक्रमण के संभावित प्रसार को रोका जा सके।
उपनिदेशक पशुपालन विभाग सिरमौर डॉ. राजीव वालिया ने बताया कि लंपी रोग के खतरे को देखते हुए विभाग अलर्ट मोड पर है। उन्होंने कहा कि जिले में करीब 3000 पशुओं का टीकाकरण हो चुका है और 60 हजार वैक्सीन उपलब्ध हैं। पशुपालकों से अपील की गई है कि पशुओं में बीमारी के संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें और विभाग की ओर से जारी सावधानियों का पालन करें।
