शादी से एक दिन पहले मां-बेटी पर जेवर लेकर फरार होने का आरोप, हरिपुरधार में रिश्ता तय होने के बाद सामने आया मामला
संगड़ाह (सिरमौर)। शादी की तैयारियों के बीच अचानक दुल्हन और उसकी मां के गायब होने से परिवार के होश उड़ गए। आरोप है कि रिश्ता तय होने के बाद रस्म के तौर पर दिए गए करीब 2.20 लाख रुपये के सोने-हीरे के आभूषण लेकर दोनों फरार हो गईं।
सिरमौर के हरिपुरधार क्षेत्र में सामने आए इस मामले में दिल्ली निवासी परिवार ने पुलिस से शिकायत की है। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला क्षेत्राधिकार के आधार पर संगड़ाह थाना भेज दिया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गई है।
रिश्ता तय होने के बाद दिए गए आभूषण
पुलिस को दी शिकायत में दिल्ली निवासी विपिन वालिया ने बताया कि उनके भाई विशाल वालिया की शादी के लिए एक व्यक्ति के माध्यम से संपर्क हुआ था। इसके बाद 21 अगस्त को अरविंद नामक बिचौलिये के जरिए परिवार को रिश्ता देखने के लिए हरिपुरधार बुलाया गया।
शिकायत के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे एक गेस्ट हाउस में युवती को देखने के बाद दोनों परिवारों की सहमति से रिश्ता तय हो गया। इसके बाद शादी की रस्म के तौर पर शिकायतकर्ता की माता ने युवती को करीब 2.20 लाख रुपये के आभूषण दिए। इनमें सोने का पेंडेंट, सोने की अंगूठी और हीरे की ईयर-रिंग्स शामिल होने का दावा किया गया है। परिवार ने बिचौलिये को 31 हजार रुपये नकद देने की बात भी शिकायत में कही है।
अगले दिन होनी थी शादी
शिकायत के मुताबिक, रिश्ता तय होने के बाद 22 अगस्त को शादी होनी थी। युवती, उसकी मां और बिचौलिया परिवार के साथ दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे थे।
इसी दौरान युवती और उसकी मां ने नाहन मेडिकल कॉलेज में कार्यरत युवती के चाचा से मिलने की बात कही। आरोप है कि दोनों नाहन मेडिकल कॉलेज पहुंचीं, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटीं। परिवार का आरोप है कि दोनों अपने साथ दिए गए आभूषण भी ले गईं।
पुलिस कर रही आरोपों की जांच
परिवार ने मामले की शिकायत नाहन पुलिस को दी। पुलिस के अनुसार, घटनाक्रम हरिपुरधार क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण शिकायत को कार्रवाई के लिए संगड़ाह पुलिस थाना भेजा गया है।
एसपी एनएस नेगी के अनुसार शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी। जांच के दौरान युवती, उसकी मां और बिचौलिये की भूमिका के साथ-साथ कथित तौर पर दिए गए आभूषणों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जाएगी।
फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पूरे मामले में वास्तव में क्या हुआ और शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं।
