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त्रिलोकपुर में कीचड़ और फिसलन से बेहाल गलियां, घरों से निकलना भी हुआ मुश्किल
बरसात से पक्की गलियों में जमा पानी और कीचड़ से बढ़ी परेशानी
सीवरेज के लिए खोदी गई गली भी बदहाल, ग्रामीणों ने पंचायत से जल्द मरम्मत की उठाई मांग
कालाअंब (सिरमौर)। बरसात के मौसम में ग्राम पंचायत त्रिलोकपुर के वार्ड नंबर एक और दो की गलियों की बदहाली ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं बरसाती पानी की निकासी नहीं होने से पक्की गली में कीचड़ जमा है तो कहीं सीवरेज के लिए खोदी गई सड़क की मरम्मत नहीं होने से रास्ता खस्ताहाल हो चुका है। फिसलन भरे रास्तों पर पैदल चलना भी लोगों के लिए चुनौती बन गया है।
वार्ड नंबर एक में बरसाती पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण गली में पानी और कीचड़ जमा हो रहा है। हालांकि, गली के निर्माण के समय पक्की नाली बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन एक स्थानीय व्यक्ति की आपत्ति के चलते नाली का निर्माण न हो पाने की बात भी सामने आई है। अब बरसात में इसका खामियाजा सभी को भुगतना पड़ रहा है।
इसी तरह वार्ड नंबर दो में माता बालासुंदरी मंदिर के भंडारा हाल से वन विभाग के रेस्ट हाउस की ओर जाने वाले मार्ग से जुड़ी गली को सीवरेज कार्य के लिए खोदा गया था। कार्य के बाद इसकी उचित मरम्मत नहीं होने से गली की हालत लगातार खराब होती गई। बरसात के कारण यहां भी स्थिति दयनीय बनी हुई है।
स्थानीय निवासी पवन कुमार, राजेश गुप्ता, बाबू राम, नीटू, मनदीप, नरेंद्र, नरेश, योगेश, लक्ष्मी देवी, लीला देवी और रामकली ने बताया कि बरसात के दिनों में घरों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। पक्के रास्ते पर कीचड़ जमा होने से फिसलने का खतरा बना रहता है। उन्होंने पंचायत से दोनों वार्डों की गलियों की स्थिति सुधारने और सीवरेज के लिए खोदी गई गली की भी जल्द मरम्मत करवाने की मांग की है।
उधर, ग्राम पंचायत प्रधान सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वार्ड नंबर एक में बरसाती पानी की निकासी बाधित होने के कारण समस्या उत्पन्न हो रही है। बरसाती पानी की निकासी लोगों ने खुद बाधित की हुई है। इसका समाधान स्थानीय निवासियों को आपसी बातचीत से हल करना होगा। पंचायत स्तर पर गलियों की मरम्मत और रखरखाव के लिए प्रस्ताव विचाराधीन हैं।
प्रधान ने कहा कि यदि वार्ड नंबर एक में नाली निर्माण को लेकर यदि किसी की आपत्ति नहीं है, तो नाली का निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत भेजे गए प्रस्ताव वीबीजी रामजी योजना लागू होने के कारण फिलहाल रद्द हो गए हैं। अब इन प्रस्तावों को दोबारा इस योजना के तहत भेजने की प्रक्रिया जल्द की जाएगी।
