हिमाचल में कुदरत का कहर: 111 मौतें, 743 मकान और 11 पुल तबाह; सिरमौर में सबसे ज्यादा 87 जानें गईं
हिमाचल में इस मानसून कुदरत का कहर सबसे ज्यादा सिरमौर पर टूटा है, जहां अब तक 87 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदेशभर में प्राकृतिक आपदाओं ने 111 लोगों की जान ले ली, जबकि हजारों सड़कें, पेयजल योजनाएं और बिजली ढांचा प्रभावित हुआ है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसून और अन्य प्राकृतिक आपदाओं ने भारी तबाही मचाई है। विधायक विपिन सिंह परमार के सवाल के जवाब में राजस्व मंत्री ने विधानसभा में आपदा से हुए नुकसान का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इसके मुताबिक प्रदेश में अब तक 111 लोगों की मौत हुई है, जबकि नौ लोग घायल हुए हैं। कांगड़ा में पांच परिवारों के विस्थापित होने की भी जानकारी दी गई है।
सबसे ज्यादा नुकसान सिरमौर जिले में हुआ है। यहां प्राकृतिक आपदाओं के कारण 87 लोगों की जान गई। इसके अलावा लाहौल-स्पीति में 16, सोलन में चार, मंडी में दो तथा कांगड़ा और कुल्लू में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।
743 मकान और 11 पुल क्षतिग्रस्त
आपदा के कारण प्रदेश में कुल 743 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें सोलन के 239, कांगड़ा के 155 और मंडी के 136 मकान शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेशभर में 3674 सड़कें, 11 पुल और 3090 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
सड़कों की बात करें तो कांगड़ा में 736, मंडी में 615 और शिमला में 614 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। वहीं चंबा की 548, शिमला की 514 और कांगड़ा की 499 पेयजल योजनाओं को नुकसान पहुंचा है।
बिजली व्यवस्था को भी भारी नुकसान हुआ है। प्राकृतिक आपदाओं में 494.49 किलोमीटर उच्चदाब और 755.07 किलोमीटर निम्नदाब बिजली लाइनें, 1770 बिजली के खंभे और 338 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
665 करोड़ रुपये से अधिक का प्रत्यक्ष नुकसान
सरकारी आंकड़ों के अनुसार लोक निर्माण विभाग की सड़कों को 536.83 करोड़ रुपये, जल शक्ति विभाग की पेयजल परियोजनाओं को 116.14 करोड़ रुपये और निजी संपत्तियों को 12.87 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष नुकसान हुआ है।
एक मार्च से एक अगस्त तक प्रदेश में औसत वर्षा 109.80 मिलीमीटर दर्ज की गई। जुलाई में कांगड़ा में 546.2 मिलीमीटर, सिरमौर में 487.5 मिलीमीटर और चंबा में 447.5 मिलीमीटर बारिश हुई।
कुल्लू और लाहौल-स्पीति में तीन स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं भी सामने आईं, हालांकि इन घटनाओं में किसी की जान नहीं गई।
1871 परिवारों को मिली राहत, 1260 का मुआवजा लंबित
सरकार के अनुसार एक अगस्त तक 1871 प्रभावित परिवारों को राहत राशि जारी की जा चुकी है। वहीं 1260 परिवारों का मुआवजा अभी लंबित है। सरकार ने बताया कि राहत राशि लंबित रहने का प्रमुख कारण राहत प्रबंधन प्रणाली पोर्टल पर आवेदन नहीं करना या आवेदन को अधूरा छोड़ना है।
सरकार के मुताबिक संबंधित परिवार जब आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर देंगे, तो पात्रता के अनुसार राहत राशि जारी कर दी जाएगी।
