आईआईएम सिरमौर के छात्र का पांवटा साहिब में अंतिम संस्कार, परिजनों ने प्रबंधन पर उठाए गंभीर सवाल
नाहन/पांवटा साहिब। आईआईएम सिरमौर के छात्र प्रारब्ध शुक्ला की मौत के बाद शनिवार को पांवटा साहिब के स्वर्ग धाम में अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के बाद परिजनों ने संस्थान की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए समय पर सूचना नहीं देने और छात्र की स्थिति पर नजर नहीं रखने का आरोप लगाया है।
पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में पुलिस की मौजूदगी में करवाया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना को लेकर परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रारब्ध के पिता अनुपम शुक्ला और चाचा श्याम जी शुक्ल ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि प्रारब्ध पिछले कुछ दिनों से उनके फोन का जवाब नहीं दे रहा था। इसके बाद उन्होंने हॉस्टल वार्डन से संपर्क किया, तब उन्हें घटना की जानकारी मिली। परिजनों का कहना है कि यदि संस्थान की ओर से उन्हें समय रहते सूचना दी जाती तो शायद परिस्थितियां अलग हो सकती थीं।
परिजनों के अनुसार, प्रारब्ध ने वर्ष 2024 में आईआईएम सिरमौर में दाखिला लिया था और उस समय वह पूरी तरह स्वस्थ था। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थान में छात्रों और स्टाफ के व्यवहार को लेकर प्रारब्ध ने प्रबंधन से शिकायत भी की थी, लेकिन उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
परिजनों का दावा है कि इन परिस्थितियों के चलते प्रारब्ध मानसिक तनाव में चला गया था। पिता अनुपम शुक्ला ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद उन्हें जानकारी मिली कि प्रारब्ध ने करीब दो दिन पहले चाकू से अपना हाथ भी काटा था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि छात्र की स्थिति इतनी गंभीर थी तो हॉस्टल में उसकी निगरानी क्यों नहीं की गई और यह क्यों नहीं देखा गया कि वह परीक्षा देने भी नहीं पहुंचा।
परिजनों ने संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे मामले को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक भी पहुंचाएंगे। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
वहीं, आईआईएम सिरमौर के निदेशक डॉ. प्रफुल्ल अग्निहोत्री ने कहा कि संस्थान ने अपना एक छात्र खोया है और इस दुख की घड़ी में प्रबंधन परिजनों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रारब्ध की मौत से जुड़े घटनाक्रम की जांच जारी है। परिजनों के आरोपों के बाद अब जांच के निष्कर्ष पर सभी की नजरें टिकी हैं।
