Sirmaur News: कूड़ा संयंत्र के मजदूरों को तीन माह से नहीं मिला मानदेय
तीन महीने से मेहनत का भुगतान नहीं मिलने से केदारपुर कूड़ा संयंत्र में काम करने वाले मजदूरों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की फीस, राशन और दवाइयों जैसे जरूरी खर्चों के लिए भी कामगारों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
पांवटा साहिब (सिरमौर)। केदारपुर स्थित कूड़ा प्रबंधन संयंत्र में ठेकेदार के माध्यम से कार्यरत एक दर्जन से अधिक मजदूरों को पिछले तीन महीने से मानदेय नहीं मिला है। लगातार भुगतान लंबित रहने से कामगारों और उनके परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शुक्रवार को मजदूर नेता एवं समाजसेवी प्रदीप चौहान के नेतृत्व में कामगारों ने एसडीएम पांवटा साहिब द्विज गोयल से मुलाकात कर लंबित मानदेय का जल्द भुगतान करवाने की मांग की।
प्रदीप चौहान ने बताया कि कूड़ा संयंत्र में मजदूर नियमित रूप से कूड़ा बीनने, उसकी छंटाई और सफाई सहित अन्य कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद तीन माह से उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि समय पर मेहनताना नहीं मिलने के कारण मजदूरों के परिवारों के सामने आर्थिक परेशानी लगातार बढ़ रही है।
कामगारों का कहना है कि स्थिति अब ऐसी हो गई है कि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। राशन, बच्चों की फीस, दवाइयों और घर के अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करना कठिन हो गया है। मजदूरों ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर बकाया मानदेय जल्द जारी करवाने की मांग की है।
मजदूर नेता प्रदीप चौहान ने कहा कि कामगार पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना काम कर रहे हैं, इसलिए उनका मेहनताना समय पर मिलना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से ठेकेदार से लंबित भुगतान करवाने की मांग उठाई।
वहीं, एसडीएम पांवटा साहिब द्विज गोयल ने बताया कि कूड़ा संयंत्र के कामगार लंबित मानदेय की समस्या को लेकर उनसे मिले हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों के लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान करवाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
