क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में तीन दिन में दो नवजातों की मौत, दोनों मामलों में सिजेरियन से हुआ प्रसव
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में तीन दिनों के भीतर दो नवजात शिशुओं की मौत से दो परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं। दोनों महिलाओं का सिजेरियन प्रसव हुआ था और दोनों ने बेटों को जन्म दिया, लेकिन नवजातों को बचाया नहीं जा सका।
ताजा मामला शुक्रवार सुबह का बताया जा रहा है। ईसपुर क्षेत्र की एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना लाया गया था। चिकित्सकों ने महिला की स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कराने का निर्णय लिया।
परिजनों के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान बच्चे की हार्टबीट को लेकर स्थिति गंभीर हो गई। इसके बाद नवजात को बचाया नहीं जा सका। बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार में बच्चे के जन्म को लेकर खुशी का माहौल था, लेकिन कुछ ही देर में यह खुशी गम में बदल गई।
इससे पहले बुधवार को भी क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में नवजात की मौत का मामला सामने आया था। एक गर्भवती महिला का सिजेरियन प्रसव कराया गया था और उसने बेटे को जन्म दिया था। जन्म के बाद नवजात की हालत गंभीर बताई गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
तीन दिनों के भीतर दो नवजातों की मौत के मामले सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के एमएस डॉ. संजय मनकोटिया ने दोनों मामलों में चिकित्सकीय लापरवाही से इनकार किया है।
एमएस के अनुसार, ताजा मामले में बच्चा ऑपरेशन के दौरान मृत अवस्था में पैदा हुआ था। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत ही उपचार किया। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोनों मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं हुई है।
फिलहाल, दोनों परिवार नवजातों की मौत से गहरे सदमे में हैं। वहीं, लगातार सामने आए इन मामलों के बाद अस्पताल प्रशासन के स्पष्टीकरण के बावजूद परिजनों और स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं।
