डंपर-टिपर वालों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव, अब ऑटोमैटिक लोड कवर जरूरी, खुला लोड तो बजेगा अलर्ट
शिमला। सड़क पर दौड़ते खुले डंपर-टिपर अब हादसों का कारण नहीं बन सकेंगे। चलते वाहन से गिरने वाली बजरी, रेत और पत्थरों पर रोक लगाने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सुरक्षा नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
नए प्रावधान के तहत सभी नए डंपर और टिपर वाहनों में ऑटोमैटिक लोड कवर लगाना अनिवार्य किया गया है। वाहन के सड़क पर चलते समय लोड बॉडी पूरी तरह ढकी रहनी जरूरी होगी।
यह नियम निर्माण सामग्री, मिट्टी, रेत, बजरी, पत्थर और मलबा ढोने वाले डंपर-टिपर वाहनों के लिए महत्वपूर्ण है। अभी भी कई वाहन खुले में सामग्री लेकर सड़कों पर चलते हैं। तेज रफ्तार, अचानक ब्रेक या मोड़ के दौरान लोड से सामग्री सड़क पर गिर जाती है, जिससे पीछे चल रहे दोपहिया और अन्य वाहनों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
कवर खुला तो केबिन में बजेगा अलर्ट
नई व्यवस्था में केवल लोड कवर लगाना ही पर्याप्त नहीं होगा। वाहन चलते समय कवर का सही तरीके से बंद और सुरक्षित रहना जरूरी होगा। यदि कवर खुला रह जाता है या ठीक से बंद नहीं होता, तो ड्राइवर के केबिन में अलर्ट मिलेगा। इससे चालक समय रहते कवर को ठीक कर सकेगा।
मानसून में बढ़ जाता है खतरा
बारिश के मौसम में सड़क पर गिरी मिट्टी, रेत और बजरी पानी के साथ मिलकर फिसलन पैदा करती है। पहाड़ी क्षेत्रों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। ऐसी स्थिति में दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा काफी बढ़ सकता है।
ऑटोमैटिक लोड कवर से सड़क पर सामग्री गिरने की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। इसके अलावा खुले लोड से उड़ने वाली धूल और महीन कणों को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। सड़क पर अचानक पत्थर या बजरी गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने की दिशा में भी यह प्रावधान अहम माना जा रहा है।
नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नए सुरक्षा प्रावधानों का उद्देश्य डंपर-टिपर से होने वाले सड़क हादसों को कम करना और सड़क पर चलने वाले अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
