हिमाचल में अब टोल प्लाजा पर गाड़ी रोकने और लंबी कतार में खड़े होने का झंझट जल्द खत्म होने वाला है। कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर वाहन करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बिना रुके टोल पार करेंगे और फास्टैग से शुल्क अपने आप कट जाएगा।
तीन टोल प्लाजा पर लागू होगी एमएलएफएफ तकनीक
मंडी। हिमाचल प्रदेश में पहली बार मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) तकनीक लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत कीरतपुर-मनाली फोरलेन के तीन प्रमुख टोल प्लाजा गड़ा मोड़ा, टकोली और डोहलूनाला को इस आधुनिक व्यवस्था से लैस करने का प्रस्ताव एनएचएआई मुख्यालय भेजा गया है।
एमएलएफएफ सिस्टम लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर पारंपरिक बैरियर नहीं होंगे। वाहन को टोल चुकाने के लिए रोकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे विशेष रूप से कुल्लू-मनाली आने वाले पर्यटकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
कैमरे और सेंसर करेंगे वाहन की पहचान
इस व्यवस्था में टोल प्लाजा के ऊपर करीब 5.5 से 6 मीटर ऊंची गैंट्री लगाई जाएगी। इसमें फास्टैग रीडर, एआई आधारित ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे और वाहन पहचानने वाले सेंसर लगाए जाएंगे।
जैसे ही वाहन टोल क्षेत्र से गुजरेगा, सिस्टम उसकी पहचान कर लिंक फास्टैग खाते से निर्धारित टोल राशि स्वतः काट देगा। इससे टोल प्लाजा पर रुकने, कतार लगाने और जाम की स्थिति कम होगी।
60 की स्पीड पर गुजरना होगा जरूरी
कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर निर्धारित अधिकतम गति सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटा है। एमएलएफएफ व्यवस्था में वाहन इसी निर्धारित गति के अनुरूप टोल क्षेत्र से गुजर सकेंगे। निर्धारित सीमा से अधिक गति पर वाहन चालकों के खिलाफ ओवरस्पीडिंग की कार्रवाई भी हो सकती है।
दूसरे स्थानों पर एमएलएफएफ व्यवस्था में वाहन अधिक गति से टोल प्वाइंट पार करते हैं, लेकिन कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर स्थानीय गति सीमा के अनुसार व्यवस्था लागू की जाएगी।
फास्टैग में बैलेंस नहीं हुआ तो ई-नोटिस
वाहन चालकों को अपने फास्टैग को सक्रिय रखने और उसमें पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित करना होगा। यदि फास्टैग में पर्याप्त राशि नहीं है, वह निष्क्रिय है या अमान्य है, तो वाहन मालिक को ई-नोटिस जारी किया जा सकता है।
ई-नोटिस मिलने के बाद 72 घंटे के भीतर भुगतान करने पर सामान्य टोल राशि देनी होगी। इसके बाद भुगतान करने पर दोगुनी राशि चुकानी पड़ सकती है। ई-नोटिस की जांच और भुगतान एनएच शुल्क ई-नोटिस पोर्टल तथा राजमार्ग यात्रा ऐप के माध्यम से किया जा सकेगा।
टोल पास की सुविधा भी रहेगी
एमएलएफएफ व्यवस्था के तहत टोल पास की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। करीब 3,000 रुपये में 200 ट्रिप की सुविधा का प्रावधान बताया गया है।
वाहन चालकों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि फास्टैग विंडशील्ड पर सही तरीके से लगा हो और वाहन में वैध हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) मौजूद हो।
आगे अन्य टोल प्लाजा भी होंगे शामिल
एनएचएआई के अनुसार फिलहाल हिमाचल के तीन टोल प्लाजा के लिए एमएलएफएफ तकनीक लागू करने का प्रस्ताव भेजा गया है। आने वाले समय में प्रदेश के अन्य टोल प्लाजा को भी इस व्यवस्था में शामिल किया जा सकता है।
एनएचएआई पीआईयू मंडी के परियोजना निदेशक वरुण चारी के अनुसार, फिलहाल तीन टोल प्लाजा में एमएलएफएफ तकनीक लागू करने का प्रस्ताव भेजा गया है और भविष्य में अन्य टोल प्लाजा पर भी इस तकनीक को अपनाया जाएगा।
नई व्यवस्था से टोल प्लाजा पर समय की बचत के साथ ईंधन की खपत, प्रदूषण और ट्रैफिक जाम कम होने की उम्मीद है।
