शिमला पुलिस का बड़ा एक्शन: बैकवर्ड लिंक से दो अंतरराज्यीय नशा सप्लायर गिरफ्तार
शिमला। शिमला में चिट्टा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने अब स्थानीय आरोपियों तक सीमित कार्रवाई के बजाय नशे की पूरी सप्लाई चेन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बैकवर्ड लिंकेज की जांच में पंजाब तक पहुंची पुलिस ने दो अंतरराज्यीय सप्लायरों को गिरफ्तार कर नशा नेटवर्क की अहम कड़ियां तोड़ी हैं।
शिमला पुलिस के अनुसार, नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सप्लाई नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कार्रवाई में दो अलग-अलग मामलों में पंजाब से जुड़े दो कथित सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया है।
शोघी के पास 1.120 किलो हेरोइन बरामदगी के बाद खुला लिंक
पहले मामले में 3 अगस्त 2026 को जिला शिमला की स्पेशल सेल ने शोघी के समीप विजय कुमार को 1.120 किलोग्राम हाई ग्रेड हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह खेप पंजाब के तरनतारन निवासी 21 वर्षीय शुभकरमन सिंह उर्फ सुल्तान ने उपलब्ध करवाई थी।
पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच संपर्क के लिए सिग्नल ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि विजय कुमार यह खेप शिमला लेकर आया था और इसे छोटे हिस्सों में बांटकर आगे सप्लाई किया जाना था।
बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर पुलिस टीम ने पंजाब के तरनतारन में अभियान चलाकर शुभकरमन सिंह उर्फ सुल्तान को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस उसके अन्य संपर्कों और नशे की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।
कोटखाई मामले में जालंधर से गिरफ्तारी
दूसरे मामले में कोटखाई क्षेत्र में पुलिस ने राहुल शर्मा, रक्षित चौहान और लवली शर्मा के कब्जे से 64 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया था।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने आरोपियों के बैकवर्ड लिंक खंगाले और चंडीगढ़ से अमित महावे को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान पंजाब के मोगा निवासी 26 वर्षीय कोमलप्रीत सिंह उर्फ लाडी का नाम सामने आया।
पुलिस के अनुसार कोमलप्रीत सिंह अमित महावे के नियमित संपर्क में था और उसे हेरोइन उपलब्ध करवाता था। इसके बाद अमित महावे हिमाचल में अपने संपर्कों के माध्यम से इसकी सप्लाई करता था।
बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर पुलिस ने 8 अगस्त को जालंधर से कोमलप्रीत सिंह उर्फ लाडी को गिरफ्तार किया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
2026 में 66 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
शिमला पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 216 मामले दर्ज कर 448 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बैकवर्ड लिंकेज की कार्रवाई के तहत 66 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया और 50 प्रमुख नशा तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है।
इसकी तुलना में वर्ष 2025 में सात और वर्ष 2024 में 12 सप्लायर गिरफ्तार किए गए थे।
पुलिस के अनुसार 2026 में अब तक 4.4 किलोग्राम चिट्टा बरामद किया गया है। वर्ष 2025 में 1.3 किलोग्राम और 2024 में 1.8 किलोग्राम चिट्टा बरामद हुआ था।
तस्करों की आर्थिक रीढ़ पर भी कार्रवाई
शिमला पुलिस ने नशा तस्करों की आर्थिक गतिविधियों पर भी शिकंजा कसा है। वर्ष 2026 में वित्तीय जांच के आधार पर 6.38 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त या फ्रीज की गई है। वर्ष 2024 और 2025 में इस श्रेणी में कोई संपत्ति जब्त या फ्रीज नहीं की गई थी।
इसके अलावा पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत 2026 में अब तक 40 निवारक निरोध किए गए हैं। वर्ष 2025 में ऐसे तीन और 2024 में कोई निवारक निरोध नहीं हुआ था।
स्थानीय तस्करों से आगे बढ़ी पुलिस की रणनीति
शिमला पुलिस की कार्रवाई से साफ है कि नशा तस्करी के मामलों में अब केवल बरामदगी और स्थानीय आरोपियों की गिरफ्तारी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पुलिस मुख्य सप्लायरों, अंतरराज्यीय नेटवर्क, आर्थिक स्रोतों और नशे के कारोबार से जुड़े संपर्कों तक पहुंचने पर जोर दे रही है।
बैकवर्ड लिंकेज के जरिए पंजाब और चंडीगढ़ तक पहुंचकर की गई गिरफ्तारियां इसी रणनीति का हिस्सा हैं। पुलिस का कहना है कि नशे की सप्लाई चेन की अहम कड़ियों को तोड़ने और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच लगातार जारी है।
