हिमाचल में बारिश का कहर: लाहौल में फटा बादल, 105 सड़कें बंद; 196 लोगों की जा चुकी जान
लाहौल स्पीति। हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लाहौल-स्पीति में बादल फटने से करीब 400 मीटर सड़क बह गई, जबकि प्रदेशभर में भूस्खलन और बारिश के कारण 105 सड़कें बाधित हैं।
मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच मंगलवार को शिमला समेत प्रदेश के कई हिस्सों में जमकर बारिश हुई। बारिश और भूस्खलन के कारण सुबह 10 बजे तक राज्य में 105 सड़कें यातायात के लिए बाधित रहीं। इसके अलावा 36 बिजली ट्रांसफार्मर और 15 पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। कुल्लू और मंडी जिलों में सबसे ज्यादा सड़कें प्रभावित बताई जा रही हैं।
लाहौल में बादल फटने से सड़क का बड़ा हिस्सा बहा
लाहौल-स्पीति के चोखंग क्षेत्र के गौरी नाला में सोमवार देर शाम बादल फटने से चोखंग-नैनगाहर सड़क को भारी नुकसान पहुंचा। करीब 400 मीटर सड़क बह जाने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई।
घटना के बाद लोक निर्माण विभाग ने मंगलवार सुबह सड़क बहाली का काम शुरू कर दिया। सड़क बंद होने के कारण नीलकंठ जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ सब्जियों से लदी किसानों की गाड़ियां भी फंस गई हैं।
मूरिंग पंचायत के प्रधान संदीप पुजारा ने सड़क को जल्द बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घाटी में सब्जियों का सीजन चल रहा है और सड़क बंद होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरन भड़ाना ने बताया कि बादल फटने के कारण सड़क का एक हिस्सा बह गया है और इसे बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मानसून में अब तक 196 लोगों की मौत
प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान आपदा से नुकसान का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। 30 जून से 17 अगस्त तक राज्य में आपदाओं के कारण 196 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 299 लोग घायल हुए हैं।
इस अवधि में 32 पक्के और 53 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं 312 पक्के-कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 14 दुकानों और 270 गोशालाओं को भी नुकसान हुआ है।
मानसून की आपदाओं में अब तक 425 पालतू पशु-पक्षियों की भी मौत दर्ज की गई है। प्रदेश में इस अवधि के दौरान कुल नुकसान का आंकड़ा 99,479.96 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
बारिश और भूस्खलन के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में सड़क, बिजली और पेयजल सेवाएं प्रभावित हैं। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए आने वाले दिनों में भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
