CM सुक्खू ने जयराम ठाकुर सरकार पर ₹10,000 करोड़ की देनदारी छोड़ने का आरोप लगाया, RDG बंद होने के बावजूद कर्मचारियों और पेंशनर्स को एरियर भुगतान का दावा
शिमला: हिमाचल प्रदेश में आर्थिक संकट और केंद्र से रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद होने को लेकर सियासी बहस के बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सरकार प्रदेश पर करीब 10,000 करोड़ रुपये की देनदारी और कर्ज छोड़ गई थी, इसके बावजूद वर्तमान सरकार कर्मचारियों, पेंशनर्स और विकास कार्यों के भुगतान को जारी रखे हुए है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि वर्ष 1952 से हिमाचल प्रदेश को आय-व्यय के अंतर को पूरा करने के लिए 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये की रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) मिलती रही, लेकिन अब यह सहायता बंद हो चुकी है। उन्होंने कहा कि RDG बंद होने के बावजूद प्रदेश में कर्मचारियों की सैलरी, पेंशनर्स की पेंशन और विकास कार्य लगातार जारी हैं।
Class-IV कर्मचारियों को इसी माह 20 हजार रुपये अतिरिक्त एरियर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स के लंबित वित्तीय लाभों के भुगतान की दिशा में भी कदम उठा रही है। इसी कड़ी में Class-IV कर्मचारियों को इसी माह 20,000 रुपये का अतिरिक्त एरियर भुगतान किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 2016 से दिसंबर 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए Class-III कर्मचारियों और पारिवारिक पेंशनर्स को भी इसी माह पेंशन एरियर का अतिरिक्त 30 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा।
Class-I और Class-II पेंशनर्स को 15% अतिरिक्त भुगतान
सुक्खू ने कहा कि Class-I और Class-II पेंशनर्स तथा पारिवारिक पेंशनर्स को भी इसी माह पेंशन एरियर का अतिरिक्त 15 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में पूर्व भाजपा सरकार की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार सीमित वित्तीय संसाधनों के बावजूद कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों में भुगतान कर रही है। उन्होंने RDG बंद होने को प्रदेश की वित्तीय चुनौतियों से जोड़ते हुए कहा कि इसके बावजूद सरकार विकास और कर्मचारियों से जुड़े दायित्वों को आगे बढ़ा रही है।
