शिक्षकों की कमी से मोगीनंद स्कूल पलायन कर रहे विद्यार्थी, 19 ने बदला स्कूल; 4 प्रवक्ता पद खाली
फिजिक्स-केमिस्ट्री के शिक्षक नहीं, विज्ञान संकाय में घटती छात्र संख्या ने बढ़ाई चिंता; अभिभावकों को बच्चों के भविष्य की फिक्र
कालाअंब (सिरमौर)। सरकारी स्कूल में दाखिला लेकर बेहतर भविष्य का सपना देख रहे विद्यार्थियों के सामने जब जरूरी विषयों के शिक्षक ही न हों तो पढ़ाई कैसे होगी? मोगीनंद के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी अब विद्यार्थियों के स्कूल छोड़ने की वजह बनती जा रही है। विज्ञान संकाय में फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता पद लंबे समय से खाली होने के कारण 19 विद्यार्थी स्कूल छोड़कर दूसरे निजी व सरकारी स्कूलों में जा चुके हैं।
विद्यालय में अभी कक्षा 11वीं और 12वीं के नॉन-मेडिकल और मेडिकल वर्ग में कुल 20 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यार्थियों के अनुसार भौतिक शास्त्र के प्रवक्ता का पद लंबे समय से खाली है, जबकि रसायन शास्त्र के प्रवक्ता का पद भी करीब एक वर्ष से खाली पड़ा है। ऐसे में विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों की पढ़ाई सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।
4 प्रवक्ता पद लंबे समय से खाली
विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. शिभा खन्ना ने बताया कि स्कूल में वर्तमान में कुल चार प्रवक्ता पद रिक्त हैं। इनमें भौतिक शास्त्र का प्रवक्ता पद मई 2026 से, रसायन शास्त्र का प्रवक्ता पद मई 2025 से, समाजशास्त्र का प्रवक्ता पद 31 मार्च 2026 से और आईपी (इंफॉर्मेटिक्स प्रैक्टिसेज) का प्रवक्ता पद वर्ष 2024 से खाली है।
प्रधानाचार्य के अनुसार विज्ञान संकाय में विद्यार्थियों के प्रवेश और स्कूल छोड़ने की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। कक्षा 12वीं में विज्ञान संकाय में करीब 14 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था, जिनमें से 9 विद्यार्थी फिजिक्स और केमिस्ट्री के प्रवक्ता पद खाली होने के कारण अन्य स्कूलों में चले गए।
वहीं, कक्षा 11वीं में विज्ञान संकाय में करीब 25 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था, जिनमें से 10 विद्यार्थी स्कूल छोड़ चुके हैं। वर्तमान में कक्षा 11वीं और 12वीं को मिलाकर विज्ञान संकाय में 20 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
शिक्षकों की कमी से अभिभावकों की चिंता बढ़ी
अभिभावकों का कहना है कि शिक्षकों की कमी के कारण कई विद्यार्थी स्कूल छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। कुछ बच्चे निजी स्कूलों में जा चुके हैं, जबकि कुछ अन्य विद्यार्थी भी स्कूल छोड़ने पर विचार कर रहे हैं।
अभिभावकों का सवाल है कि यदि सरकारी स्कूलों में आवश्यक विषयों के शिक्षक ही उपलब्ध नहीं होंगे तो वे अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए कैसे प्रेरित करेंगे। उनका कहना है कि बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनका भविष्य भी प्रभावित हो रहा है।
जेईई-नीट की तैयारी भी मुश्किल
विद्यार्थियों के अनुसार फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण विषयों के नियमित प्रवक्ता नहीं होने से बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी प्रभावित हो रही है। नियमित विषय अध्यापक के अभाव में विद्यार्थियों को विषय समझने और अपनी शंकाओं का समाधान कराने में परेशानी हो रही है।
विद्यार्थियों ने अपने भविष्य को लेकर चिंता जाहिर करते हुए बताया कि स्कूल के साइंस ब्लॉक और प्रयोगशाला से संबंधित व्यवस्थाएं भी लंबे समय से पूरी तरह सुचारू नहीं हो पाई हैं। इससे बोर्ड परीक्षाओं में होने वाले प्रैक्टिकल को लेकर भी विद्यार्थी परेशान हैं।
सरकार और शिक्षा विभाग से रिक्त पद भरने की मांग
विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने सरकार तथा शिक्षा विभाग से मांग की है कि मोगीनंद स्कूल में भौतिक शास्त्र और रसायन शास्त्र के प्रवक्ता सहित अन्य सभी रिक्त पदों को जल्द भरा जाए।
अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो स्कूल में बचे विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित होगी और आने वाले समय में और बच्चे दूसरे स्कूलों का रुख कर सकते हैं।
विद्यार्थियों का कहना है कि उन्हें अपने भविष्य के लिए नियमित और योग्य विषय अध्यापकों की आवश्यकता है। ऐसे में शिक्षा विभाग को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि मोगीनंद स्कूल से विद्यार्थियों के पलायन का सिलसिला रुके और बच्चों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित हो सके।
