


नाहन चौगान में गूंजा देशभक्ति का जज्बा, 15 टुकड़ियों ने किया भव्य मार्च पास्ट; 35 विभूतियां सम्मानित
नाहन, 15 अगस्त। सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन के ऐतिहासिक चौगान मैदान में 80वें स्वतंत्रता दिवस का जिला स्तरीय समारोह देशभक्ति के जोश और गौरवपूर्ण माहौल के बीच आयोजित हुआ। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने तिरंगा फहराकर परेड की सलामी ली और जिलेवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में पुलिस एवं सुरक्षा बलों तथा विभिन्न शिक्षण संस्थानों की 15 टुकड़ियों ने अनुशासित एवं आकर्षक मार्च पास्ट किया। परेड का नेतृत्व परेड कमांडर एएसआई आशीष कुमार ने किया। सभी टुकड़ियों ने कदम से कदम मिलाते हुए मुख्य अतिथि को सलामी दी।
इससे पहले मुख्य अतिथि राजेश धर्माणी ने डॉ. वाई.एस. परमार की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा शहीद चौक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया नमन
इस अवसर पर राजेश धर्माणी ने प्रदेशवासियों और जिला सिरमौर के लोगों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि उन संघर्षों, त्याग और बलिदानों की अमर स्मृति है, जिनके परिणामस्वरूप भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर स्थापित हुआ।
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और वर्षों के अथक संघर्ष का परिणाम है। यह दिन देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सपूतों के अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति को याद करने का अवसर देता है।
धर्माणी ने हिमाचल प्रदेश के वीर सपूतों के योगदान को भी नमन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनेक वीरों ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश की एकता, अखंडता तथा संप्रभुता को मजबूत बनाने में अमूल्य योगदान दिया।
युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ रही सरकार
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि एआई के हाईटेक दौर में प्रदेश सरकार युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रही है। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा साइंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। युवाओं के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षुओं को एक्सपोजर विजिट पर भी भेजा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 18 से 27 वर्ष तक के विद्यार्थियों को प्रवेश के बाद प्रदेश के साथ-साथ बाहरी राज्यों के सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, एआईआईएमएस और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में शिक्षा पर होने वाला खर्च सरकार वहन कर रही है।
धर्माणी ने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। सरकार के प्रयासों से प्रदेश गुणात्मक शिक्षा के मामले में देश में पांचवें स्थान पर है। प्रदेश के 156 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ा गया है और करीब 24 हजार से अधिक बच्चों ने इनमें दाखिला लिया है।
सिरमौर में 50 हजार से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन
उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर में 50,438 पात्र वृद्ध, विधवा और दिव्यांग व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर 22 करोड़ 33 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में जिले में 14,875 नए पात्र लोगों के पक्ष में पेंशन स्वीकृत की जा चुकी है।
35 अधिकारियों-कर्मचारियों और अन्य लोगों को सम्मान
समारोह के दौरान विभिन्न स्कूलों और संस्थानों के प्रतिभागियों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि ने जिला सिरमौर में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले 35 अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों को सम्मानित किया।
जलमूसा खड्ड और कटासन मंदिर के समीप आई बाढ़ के दौरान फंसे लोगों एवं मवेशियों के सफल बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले गृह रक्षक विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
इसके अलावा कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों, निर्वाचन प्रक्रिया और विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान उत्कृष्ट योगदान देने वाले बूथ लेवल अधिकारी तथा निष्ठापूर्वक सेवाएं देने वाले एचआरटीसी बस चालकों को भी सम्मान प्रदान किया गया।
भव्य परेड में शामिल विभिन्न टुकड़ियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रतिभागियों को भी मुख्य अतिथि ने सम्मानित किया।
समारोह में रेणुकाजी के विधायक विनय कुमार, नाहन के विधायक अजय सोलंकी, उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी, पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
