हरिपुरधार सिविल अस्पताल अपग्रेडेशन पर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने, चुनावी क्रेडिट को लेकर सियासी घमासान
संगड़ाह (सिरमौर)। हरिपुरधार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल का दर्जा मिलने के बाद रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है। अस्पताल अपग्रेडेशन के फैसले को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं और दोनों दल इसके श्रेय को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से सीएचसी हरिपुरधार को सिविल अस्पताल में अपग्रेड करने के फैसले के बाद कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से रेणुका जी के साथ-साथ शिलाई और चौपाल विधानसभा क्षेत्र के कुपवी इलाके की करीब 35 से 40 पंचायतों के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 13 दिसंबर को ददाहू में हरिपुरधार अस्पताल को लेकर औपचारिक घोषणा और उद्घाटन किया था। कांग्रेस ने इसे चुनावी लाभ लेने के उद्देश्य से उठाया गया कदम बताया। नेताओं का कहना था कि भाजपा को अब सोशल मीडिया के माध्यम से इस फैसले का श्रेय लेने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अस्पताल का दर्जा मिलने के बाद अगली प्राथमिकता यहां पर्याप्त बजट और आवश्यक स्टाफ उपलब्ध करवाने की होगी। उन्होंने कहा कि हरिपुरधार क्षेत्र सर्दियों में भारी बर्फबारी से प्रभावित रहता है, ऐसे में स्थानीय लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना बेहद जरूरी है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सिविल अस्पताल का दर्जा केवल घोषणा तक सीमित न रहे, बल्कि अस्पताल में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस दौरान आरटीए सदस्य दलीप चौहान, डायरेक्टर बृज राज ठाकुर, जोन महासचिव अनिल ठाकुर, ओबीसी सेल के पूर्व अध्यक्ष जगत भारद्वाज, विजय ठाकुर, युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष कपिल छिंटा, बूथ अध्यक्ष राम दयाल और सुभाष शर्मा सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
