हरिपुरधार CHC को फिर मिला सिविल अस्पताल का दर्जा, कांग्रेस ने बांटी मिठाइयां; भाजपा ने उठाए सवाल
संगड़ाह (सिरमौर)। हरिपुरधार के हजारों लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधा से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) हरिपुरधार को दोबारा सिविल अस्पताल का दर्जा मिलने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाजार में मिठाइयां बांटकर खुशी जताई। वहीं, भाजपा नेता मेला राम शर्मा ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल दर्जा देने से काम नहीं चलेगा, अस्पताल के लिए डॉक्टर और अन्य स्टाफ भी स्वीकृत किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अस्पताल को सिविल अस्पताल का दर्जा दिए जाने पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, रेणुका विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार, स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल, नाहन के विधायक अजय सोलंकी और पूर्व सीपीएस संजय अवस्थी का आभार व्यक्त किया।
दुर्गम क्षेत्र के लोगों को मिलेगी राहत
हरिपुरधार सिरमौर जिले का दुर्गम और बर्फबारी प्रभावित क्षेत्र है। सर्दियों में भारी बर्फबारी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण स्थानीय लोगों के लिए उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में अस्पताल को सिविल अस्पताल का दर्जा मिलना क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस फैसले से गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, दुर्घटना पीड़ितों और आपातकालीन मरीजों को विशेष राहत मिल सकती है। लोगों ने उम्मीद जताई कि सिविल अस्पताल के अनुरूप यहां पर्याप्त डॉक्टर, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ, जांच सुविधाएं, दवाइयां और आपातकालीन सेवाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।
पहले भी मिल चुका था सिविल अस्पताल का दर्जा
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरिपुरधार को सिविल अस्पताल में अपग्रेड किया गया था। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद इसे डिनोटिफाई कर दोबारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर दिया गया था।
इसके बाद क्षेत्र के लोगों की ओर से अस्पताल को दोबारा सिविल अस्पताल का दर्जा देने की मांग उठाई जाती रही। अब सरकार द्वारा पुनः सिविल अस्पताल का दर्जा दिए जाने पर क्षेत्रवासियों ने संतोष जताया है।
भाजपा नेता ने उठाए स्टाफ पर सवाल
दूसरी ओर, भाजपा नेता मेला राम शर्मा ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार के करीब चार साल का कार्यकाल बीतने के बाद हरिपुरधार CHC को सिविल अस्पताल का दर्जा दिया गया है, लेकिन इसके लिए जारी नोटिफिकेशन महज ढाई-तीन लाइन का है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अस्पताल के लिए न तो डॉक्टरों के पद स्वीकृत किए गए हैं, न नर्सिंग स्टाफ और न ही पैरामेडिकल स्टाफ। ऐसे में केवल अस्पताल का दर्जा देने से क्षेत्र की जनता को वास्तविक स्वास्थ्य सुविधाएं कैसे मिलेंगी।
मेला राम शर्मा ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में हरिपुरधार के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना चाहती है तो अस्पताल में आवश्यक पदों को स्वीकृति देने के साथ पर्याप्त स्टाफ और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध करवानी चाहिए।
कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस मौके पर आरटीए सदस्य दलीप चौहान, हिमाचल प्रदेश सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में सरकारी नॉमिनी बृजराज ठाकुर, ग्राम पंचायत बड़ोल के प्रधान अनिल शर्मा, ग्राम पंचायत गहल के प्रधान ओपी ठाकुर सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
