Himachal Weather: बारिश का कहर जारी, 136 सड़कें और 242 पेयजल योजनाएं प्रभावित; बिजली गिरने से 200 भेड़-बकरियों की मौत
हिमाचल में मौसम ने फिर बढ़ाई चिंता—कहीं सड़कें बंद हैं तो कहीं पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं।
किन्नौर में बिजली गिरने से 200 भेड़-बकरियों की मौत ने पशुपालक परिवार को लाखों रुपये का झटका दिया है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में जनजीवन अभी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाया है। राज्य में इस समय 136 सड़कें, 242 पेयजल योजनाएं और 9 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं। विभिन्न विभागों की टीमें प्रभावित सेवाओं को बहाल करने में जुटी हुई हैं।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को सिरमौर और मंडी में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं कांगड़ा, चंबा, ऊना और बिलासपुर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में 17 अगस्त तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है।
किन्नौर में बिजली गिरने से 200 भेड़-बकरियों की मौत
किन्नौर की रूपी वैली में बुधवार रात करीब 11 बजे बिजली गिरने से लगभग 200 भेड़-बकरियों की मौत हो गई। यह घटना वैली के राज्यश्री कंडे में हुई। हादसे में भेड़ पालक को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
बताया गया कि घटना के समय भेड़ पालक टेंट में मौजूद था, जिससे उसकी जान बच गई। सूचना मिलने के बाद गुरुवार को पशुपालन और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके के लिए रवाना हुए और नुकसान का जायजा लेने की प्रक्रिया शुरू की।
धर्मशाला में दोपहर बाद झमाझम बारिश
गुरुवार को कांगड़ा जिले में सुबह से दोपहर तक तेज धूप रही, लेकिन इसके बाद धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में जोरदार बारिश हुई। बारिश से उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली।
राजधानी शिमला में दोपहर तक मौसम साफ रहा, जबकि शाम के समय बादल और धुंध छा गई। मंडी में दिनभर बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। कुल्लू में मौसम साफ रहा, लेकिन सैंज की देहुरीधार पंचायत के अपर शफाड़ी गांव में जमीन धंसने से एक मकान गिर गया।
कई सड़कें और सेवाएं अब भी प्रभावित
बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 136 सड़कें बंद या प्रभावित हैं। इसके अलावा 242 पेयजल योजनाएं और नौ बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं। विभागीय टीमें लगातार मौके पर पहुंचकर बहाली का काम कर रही हैं।
चंबा में बैरागढ़-साच पास-किलाड़ मार्ग को करीब 24 घंटे बाद गुरुवार सुबह यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। वहीं अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी सड़क और आवश्यक सेवाओं को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं।
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
