कंगना की टिप्पणी पर विक्रमादित्य का पलटवार, बोले- केंद्र ने पेट्रोल-डीजल कितनी बार महंगा किया?
शिमला। हिमाचल में तेल के दाम बढ़ाने को लेकर सांसद कंगना रनौत की टिप्पणी पर लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने सीधे सवाल दागा कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें कितनी बार बढ़ाईं और महंगाई के मुद्दे पर सांसद की क्या राय है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि तेल की कीमतों पर सवाल उठाने से पहले केंद्र की नीतियों और पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी पर भी चर्चा होनी चाहिए। शिमला में नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने इथेनॉल और ब्लेंडिंग जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया।
60 पैसे की बढ़ोतरी का किया बचाव
मंत्री ने प्रदेश में तेल के दाम बढ़ाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि जरूरतमंद वर्ग, अनाथ बच्चों और विधवाओं के लिए राज्य सरकार ने केवल 60 पैसे की बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा कि इस फैसले को लेकर सवाल उठाने से पहले केंद्र सरकार की नीतियों और ईंधन कीमतों की स्थिति को भी देखा जाना चाहिए।
1500 करोड़ रुपये की घोषणा पर कंगना से सवाल
विक्रमादित्य सिंह ने प्रधानमंत्री की ओर से हिमाचल प्रदेश के लिए की गई 1500 करोड़ रुपये की घोषणा को लेकर भी सांसद कंगना रनौत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सांसद को बताना चाहिए कि इस घोषणा का अब तक क्या हुआ। मंत्री ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते समय केंद्र और राज्य सरकारों के फैसलों को साथ में देखना जरूरी है।
बरसात में रोजाना करीब 200 सड़कें प्रभावित
प्रदेश में सड़कों की स्थिति पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बरसात के दौरान रोजाना औसतन 200 सड़कें बाधित हो रही हैं। इनमें से करीब 75 से 100 सड़कों को प्रतिदिन बहाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण बिटुमिन की कीमतें दोगुनी होने से डिविजन में करीब 35 किलोमीटर सड़कों की टारिंग नहीं हो सकी। सरकार बढ़ी हुई लागत को देखते हुए अतिरिक्त बजट का प्रावधान करेगी और अक्टूबर के बाद प्रभावित सड़कों की टारिंग का काम करवाया जाएगा।
बागवानी सड़कों को सुधारने के लिए केंद्र से बजट
मंत्री ने बताया कि बागवानी क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़कों के सुधार के लिए केंद्र से करोड़ों रुपये के बजट को मंजूरी मिली है। इसके तहत खमाड़ी और छैला-यशवंतनगर सड़क सहित अन्य मार्गों को बेहतर बनाने का काम किया जाएगा।
