HPBOSE New Rule: लेट फीस से रुके सर्टिफिकेट के लिए अब शपथ पत्र जरूरी, 5,000 रुपये तक लगेगा शुल्क
कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए जरूरी खबर है। लेट फीस के कारण रुके प्रमाणपत्र अब सिर्फ शुल्क जमा करने से नहीं मिलेंगे, बल्कि इसके लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट से सत्यापित शपथ पत्र भी देना होगा।
वहीं दूसरी ओर, 12वीं का परिणाम घोषित हुए 100 दिन से अधिक समय बीतने के बावजूद मूल मार्क्सशीट और प्रमाणपत्र नहीं मिलने से प्रदेश के विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गई है। खासकर बाहरी राज्यों के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को मूल दस्तावेज जमा करवाने के लिए नोटिस मिलने लगे हैं।
लेट फीस के साथ देना होगा शपथ पत्र
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा विनियम में संशोधन करते हुए लेट फीस के कारण रोके गए प्रमाणपत्रों को जारी करने के लिए नया प्रावधान जोड़ा है। इसके तहत अभ्यर्थी को निर्धारित शुल्क के साथ कार्यकारी मजिस्ट्रेट से सत्यापित शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा।
यह नियम री-इवैल्यूएशन, री-चेकिंग, इम्प्रूवमेंट ऑफ परफॉर्मेंस अथवा अन्य कारणों से रोके गए प्रमाणपत्रों पर भी लागू होगा।
हर साल 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क
बोर्ड के नए नियम के अनुसार प्रमाणपत्र जारी करवाने के लिए परिणाम घोषित होने की तारीख से लेकर प्रमाणपत्र अथवा शुल्क जमा करवाने की तारीख तक 500 रुपये प्रति वर्ष की दर से अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
हालांकि, बोर्ड ने इस अतिरिक्त शुल्क की अधिकतम सीमा 5,000 रुपये तय की है। यानी निर्धारित अवधि चाहे जितनी भी हो, अतिरिक्त लेट फीस 5,000 रुपये से अधिक नहीं होगी।
शपथ पत्र में देनी होगी ये घोषणाएं
संशोधित प्रमाणपत्र के लिए दिए जाने वाले शपथ पत्र में अभ्यर्थी को यह घोषणा करनी होगी कि वह बोर्ड की ओर से पहले जारी अंतिम मेरिट सूची में किसी प्रकार के बदलाव का दावा नहीं करेगा।
इसके अलावा अभ्यर्थी को यह भी हलफनामा देना होगा कि संबंधित अवधि के दौरान उसने किसी अन्य बोर्ड या विश्वविद्यालय से संबंधित अथवा समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है।
परीक्षा विनियम में जोड़ा गया नया नियम
बोर्ड ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 1968 की धारा 19(3) के तहत परीक्षा विनियम, 1994 के अध्याय-6 के मुख्य नियम 6.2 में नया नियम 6.2.4 जोड़ा है। बोर्ड ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है।
12वीं के विद्यार्थियों को मूल दस्तावेजों का इंतजार
इधर, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं परीक्षा का परिणाम घोषित हुए 100 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन कई विद्यार्थियों को अभी तक मूल मार्क्सशीट और प्रमाणपत्र नहीं मिल पाए हैं।
इसका सबसे ज्यादा असर उन विद्यार्थियों पर पड़ रहा है, जिन्होंने सीयूईटी सहित विभिन्न प्रवेश परीक्षाएं पास कर देश के दूसरे राज्यों के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में दाखिला लिया है।
कई विद्यार्थियों को अस्थायी मार्क्सशीट के आधार पर अनंतिम प्रवेश दिया गया है। अब संबंधित शिक्षण संस्थानों की ओर से मूल दस्तावेज जमा करवाने के लिए संदेश और नोटिस भेजे जा रहे हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) समेत अन्य प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि संस्थानों ने निर्धारित समयसीमा में मूल मार्क्सशीट और प्रमाणपत्र जमा करवाने को कहा है।
बोर्ड सचिव ने दिया जल्द दस्तावेज भेजने का आश्वासन
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव अंकुश शर्मा ने कहा कि एक-दो दिन के भीतर सभी प्रमाणपत्र और मूल मार्क्सशीट संबंधित शिक्षण संस्थानों को भेज दिए जाएंगे।
ऐसे में विद्यार्थियों को उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही मूल दस्तावेज मिल जाएंगे और दाखिले से जुड़ी उनकी परेशानी दूर होगी।
