मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एम्स बिलासपुर के विस्तार से लेकर मेडिकल कॉलेजों में पीजी और एसआरशिप शुरू करने तक स्वास्थ्य क्षेत्र में कई अहम योजनाओं का खाका सामने रखा है।
हिमाचल में इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने की मजबूरी खत्म करने की दिशा में सरकार उठाने जा रही बड़ा कदम
बिलासपुर। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को एम्स बिलासपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, अत्याधुनिक मेडिकल तकनीक और संस्थान के विस्तार को लेकर चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर मरीजों का कुशलक्षेम भी जाना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार एम्स बिलासपुर के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि एम्स दिल्ली में जिस तरह आधुनिक मेडिकल तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसी दिशा में हिमाचल में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है।
मेडिकल कॉलेजों में पीजी और एसआरशिप पर जोर
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में आधुनिक तकनीक एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि हिमाचल के लोगों को गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।
उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की कमी को बड़ी चुनौती बताया। सरकार मेडिकल कॉलेजों को मजबूत करने के साथ पीजी कक्षाएं और इसके बाद एसआरशिप शुरू करने की दिशा में काम कर रही है।
फैकल्टी की कमी दूर करने के लिए नई नियुक्तियां की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने सुपर स्पेशलाइजेशन करने के बाद हिमाचल लौटने वाले डॉक्टरों के लिए वॉक-इन इंटरव्यू करवाकर उन्हें नियमित असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त करने के निर्देश भी दिए।
330 पीजी मेडिकल सीटें बढ़ाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश में पीजी मेडिकल सीटों में 330 सीटों की वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया है। आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजी समेत अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों की सीटें बढ़ाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 में 50 सीटों वाला बैच तैयार होने के बाद रेडियोग्राफर समेत अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी। कुछ नियुक्तियां अभी बाकी हैं और दिसंबर तक पैरामेडिकल स्टाफ की अधिकांश नियुक्तियां पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
कैंसर और किडनी रोगों के लिए रिसर्च पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जीन थेरेपी और फोटोथेरेपी के क्षेत्र में भी काम शुरू किया गया है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों पर शोध के लिए हमीरपुर में नॉर्थ इंडिया का रिसर्च सेंटर स्थापित किया जा रहा है।
इसके अलावा रीनल डिजीज यानी किडनी से संबंधित बीमारियों के लिए आईजीएमसी में अलग रिसर्च विंग स्थापित करने की दिशा में भी काम चल रहा है।
इस अवसर पर एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. दलजीत सिंह सहित संस्थान के चिकित्सक एवं विशेषज्ञ मौजूद रहे।
