Himachal News: हिमाचल को मिले 46 नए अग्निशमन वाहन, CM सुक्खू ने दिखाई हरी झंडी; 37 और वाहनों की तैयारी
शिमला। हिमाचल में आग और आपदा की घटनाओं पर अब Response और तेज होगा। प्रदेश की अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने के लिए 46 नए त्वरित प्रतिक्रिया वाहन मैदान में उतारे गए हैं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। सरकार ने इसके साथ ही 37 और नए अग्निशमन वाहनों की खरीद की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
शिमला को मिले सबसे ज्यादा 9 वाहन
नए त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों का वितरण प्रदेश के अलग-अलग जिलों की जरूरत के अनुसार किया गया है। इनमें शिमला को सबसे ज्यादा 9 वाहन मिले हैं।
वहीं कांगड़ा को 8, मंडी और सोलन को 5-5 वाहन उपलब्ध करवाए गए हैं। हमीरपुर, ऊना, चंबा और लाहौल-स्पीति को 3-3, जबकि सिरमौर, बिलासपुर और कुल्लू को 2-2 वाहन दिए गए हैं। किन्नौर को एक वाहन मिला है।
इन वाहनों से आग लगने, सड़क हादसों और अन्य आपात स्थितियों में अग्निशमन दलों को घटनास्थल तक तेजी से पहुंचने में मदद मिलेगी।
अग्निशमन सेवाओं के लिए 65.33 करोड़ रुपये का बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं के आधुनिकीकरण पर काम कर रही है। इसके लिए 65.33 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
सरकार ने इससे पहले वर्ष 2024-25 में 9.60 करोड़ रुपये खर्च कर 22 नए अग्निशमन वाहन खरीदे थे, जिन्हें संबंधित अग्निशमन इकाइयों को उपलब्ध करवाया गया।
अब 46 नए वाहनों के बाद 37 और वाहनों की खरीद से प्रदेश में अग्निशमन विभाग की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बिझड़ी में 4.85 करोड़ से तैयार हुई अग्निशमन चौकी
मुख्यमंत्री ने बताया कि हमीरपुर के बिझड़ी में करीब 4.85 करोड़ रुपये की लागत से अग्निशमन चौकी का भवन तैयार हो चुका है।
इसके अलावा नादौन और इंदौरा में उप अग्निशमन केंद्रों के भवनों का निर्माण 3.50-3.50 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। कंडाघाट में उप अग्निशमन केंद्र के निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
नए और स्तरोन्नत अग्निशमन केंद्रों तथा चौकियों के लिए 3.85 करोड़ रुपये की लागत से 8 वाटर टेंडर भी खरीदे जा रहे हैं।
टाहलीवाल को मिला उप अग्निशमन केंद्र का दर्जा
अग्निशमन सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए नई इकाइयों को भी मजबूत किया जा रहा है। ऊना जिले के टाहलीवाल को उप अग्निशमन केंद्र के रूप में स्तरोन्नत किया गया है।
वहीं कांगड़ा जिले के चंगर क्षेत्र में नई अग्निशमन चौकी शुरू की गई है।
754 पद भरे, आधुनिक उपकरणों पर जोर
मुख्यमंत्री के अनुसार नई अग्निशमन इकाइयों के संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 754 स्वीकृत पद भरे जा चुके हैं।
सरकार का लक्ष्य आधुनिक वाहनों, बेहतर अग्निशमन उपकरणों, प्रशिक्षित कर्मचारियों और मजबूत आधारभूत ढांचे के जरिए प्रदेश की आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
सरकार का कहना है कि इससे आग, प्राकृतिक आपदा और अन्य आपात स्थितियों के दौरान Response Time कम करने और जन-धन की संभावित हानि को घटाने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम, डीजी होमगार्ड सतवंत अटवाल, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
