कालाअंब-त्रिलोकपुर सड़क पर राहत की राह खुली, PWD ने संभाला मोर्चा; खस्ताहाल हिस्सों में बिछाई जा रही टाइल्स
कालाअंब (सिरमौर)। त्रिलोकपुर मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में रोजाना आवाजाही करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। लंबे समय से परेशानी का कारण बने कालाअंब-त्रिलोकपुर संपर्क मार्ग के खस्ताहाल हिस्सों को दुरुस्त करने का काम लोक निर्माण विभाग ने शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से सड़क के अधिक क्षतिग्रस्त हिस्सों में पैचवर्क के तहत टाइल्स लगाई जा रही हैं।
बरसात के दौरान इस संपर्क सड़क के कई हिस्सों में जलभराव के कारण सड़क बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही थी। इससे त्रिलोकपुर मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं, उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों, उद्यमियों, स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में सड़क की मरम्मत का काम शुरू होने से लोगों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
जलभराव वाले स्थानों पर विशेष फोकस
लोक निर्माण विभाग ने सड़क के उन हिस्सों को प्राथमिकता दी है, जहां बरसात के दौरान पानी जमा होने से सड़क की स्थिति ज्यादा खराब हो रही थी। इन स्थानों पर टाइल्स लगाकर सड़क को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि पानी के कारण सड़क बार-बार न उखड़े और लोगों को सुगम आवाजाही मिल सके।
विभाग के अनुसार, पहले भी जलभराव की समस्या वाले कुछ स्थानों पर टाइल्स लगाई गई थीं। अब अधिक खस्ताहाल हिस्सों को चिन्हित कर वहां पैचवर्क किया जा रहा है।
विभाग की सक्रियता से लोगों को मिली राहत
लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता सचिन शर्मा ने बताया कि त्रिलोकपुर संपर्क सड़क पर पैचवर्क का कार्य चल रहा है। अधिक खराब हिस्सों में टाइल्स लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जलभराव वाले स्थानों पर पहले भी इसी तरह सुधार कार्य किया गया था और वर्तमान में भी सड़क को बरसात में बार-बार क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए आवश्यक स्थानों पर काम किया जा रहा है।
कालाअंब से त्रिलोकपुर को जोड़ने वाली यह सड़क स्थानीय लोगों के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र और प्रसिद्ध त्रिलोकपुर मंदिर के लिए भी महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ऐसे में सड़क की मरम्मत का काम शुरू होने से लोगों में संतोष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जलभराव वाले स्थानों पर इसी तरह समय रहते विभागीय हस्तक्षेप होता रहे तो सड़क की हालत बिगड़ने से पहले ही समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।
बरसात के बीच सड़क सुधार की यह पहल न केवल तत्काल राहत दे रही है, बल्कि महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने की दिशा में भी सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
