हिमाचल में मानसून का कहर: एक दिन में 106 से बढ़कर 259 हुई बंद सड़कों की संख्या, 157 लोगों की मौत
हिमाचल प्रदेश में मानसून अब सिर्फ बारिश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर सड़कों से लेकर बिजली और पेयजल व्यवस्था तक साफ दिखाई दे रहा है। एक दिन बंद सड़कों का आंकड़ा 106 से बढ़कर 259 पहुंचना बताता है कि पहाड़ों में बारिश के साथ मुश्किलें भी तेजी से बढ़ रही हैं।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश और भूस्खलन से जनजीवन लगातार प्रभावित हो रहा है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 11 अगस्त सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 259 सड़कें बंद, 161 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर प्रभावित और 54 पेयजल योजनाओं की आपूर्ति बाधित है।
सबसे चिंताजनक स्थिति सड़कों को लेकर सामने आई है। एक दिन पहले शाम तक प्रदेश में 106 सड़कें बंद थीं, लेकिन सुबह तक यह आंकड़ा बढ़कर 259 हो गया। यानी कुछ ही घंटों में 153 और सड़कें प्रभावित हो गईं।
मंडी में सबसे ज्यादा सड़कें बंद
मानसून का सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में दिखाई दे रहा है। यहां 120 सड़कें बंद हैं। इसके बाद चंबा में 42, कुल्लू में 40 और शिमला में 30 सड़कें प्रभावित हैं। सिरमौर में 15, ऊना में चार और लाहौल-स्पीति में दो सड़कें बंद हैं।
किन्नौर में बढ़े जलस्तर के कारण रिस्पा संपर्क सड़क भी बंद हो गई है। वहीं सोलन में फिलहाल किसी सड़क के बंद होने की सूचना नहीं है।
बिजली व्यवस्था भी प्रभावित
बारिश और खराब मौसम के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। प्रदेश में कुल 161 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं।
इनमें मंडी में 77, शिमला में 43, कुल्लू में 40 और चंबा में 16 ट्रांसफार्मर प्रभावित बताए गए हैं। इससे कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति बनी हुई है।
पेयजल योजनाओं पर भी असर
मानसून की मार पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ी है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 54 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। रिपोर्ट में मंडी और शिमला में पेयजल योजनाओं के प्रभावित होने की जानकारी दर्ज है।
मानसून में अब तक 157 लोगों की मौत
30 जून से 9 अगस्त तक की संचयी रिपोर्ट के अनुसार मानसून सीजन के दौरान आपदाओं में हिमाचल प्रदेश में 157 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 257 लोग घायल हुए हैं। इस अवधि में 628 पशुओं की मौत भी दर्ज की गई है।
आपदा से हुई मौतों के मामले में चंबा 24 मौतों के साथ सबसे ऊपर है। कांगड़ा और कुल्लू में 21-21, शिमला में 20, लाहौल-स्पीति में 18 और सिरमौर में 16 लोगों की जान गई है।
सड़क हादसों में भी 89 मौतें
मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं के अलावा सड़क दुर्घटनाएं भी जानलेवा साबित हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस अवधि में सड़क हादसों में 89 लोगों की मौत हुई है।
सड़क दुर्घटनाओं में चंबा में 15, कुल्लू में 13, शिमला में 12 और मंडी में 11 मौतें दर्ज की गई हैं।
88 हजार करोड़ नहीं, 88,637 लाख से ज्यादा का नुकसान
बारिश, भूस्खलन और अन्य आपदाओं ने घरों, दुकानों, पशुशालाओं, फसलों और सरकारी ढांचे को भी नुकसान पहुंचाया है। 9 अगस्त तक प्रदेश में आपदा से हुए कुल नुकसान का आंकड़ा 88,637.55 लाख रुपये दर्ज किया गया है।
लगातार बढ़ता सड़क बंद होने का आंकड़ा, बिजली-पेयजल योजनाओं पर असर और जान-माल के नुकसान के आंकड़े इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि हिमाचल में मानसून का असर लगातार व्यापक होता जा रहा है। ऐसे में बारिश और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में लोगों के लिए सतर्कता और प्रशासन के लिए त्वरित बहाली बड़ी चुनौती बनी हुई है।
