राजगढ़ सिविल अस्पताल में मरीजों की बढ़ी परेशानी, जांच रिपोर्ट के लिए 2 से 5 दिन का इंतजार
राजगढ़ सिविल अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को अब जांच कराने के बाद रिपोर्ट के लिए भी कई दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है। लैब के बाहर सुबह से लग रही कतारें और रिपोर्ट में देरी ने मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जबकि दूरदराज से आने वाले लोगों को दोबारा राजगढ़ पहुंचना पड़ रहा है।
क्रस्ना डायग्नोस्टिक लैब में रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार
राजगढ़ (सिरमौर)। राजगढ़ स्थित सिविल अस्पताल के समीप मुख्यमंत्री निःशुल्क निदान योजना के तहत पीपीपी मॉडल पर संचालित क्रस्ना डायग्नोस्टिक्स लिमिटेड की प्रयोगशाला में जांच करवाने वाले मरीजों को कथित तौर पर रिपोर्ट के लिए दो से पांच दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ मरीजों का कहना है कि कुछ जांचों की रिपोर्ट आने में एक सप्ताह तक का समय भी लग रहा है।
मरीजों के अनुसार सुबह से ही लैब के बाहर बड़ी संख्या में लोग अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई देते हैं। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और ग्रामीण क्षेत्रों से उपचार के लिए आने वाले मरीज भी शामिल हैं। लंबे इंतजार के कारण मरीजों और तीमारदारों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
सैंपल लेने के बाद दूसरी जगह भेजे जाने का आरोप
मरीजों का आरोप है कि लैब में कई जांचों के लिए मुख्य रूप से रक्त के नमूने एकत्र किए जाते हैं और उन्हें जांच के लिए अन्य प्रयोगशालाओं में भेजा जाता है। इसी प्रक्रिया के चलते कई जांचों की रिपोर्ट उसी दिन उपलब्ध नहीं हो पाती।
मरीजों का कहना है कि जब चिकित्सक जांच रिपोर्ट देखने के बाद उपचार तय करते हैं, तो रिपोर्ट में देरी होने से उनका इलाज भी प्रभावित होता है। खासकर उन मरीजों को अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है जिन्हें चिकित्सकीय सलाह के अनुसार जल्द उपचार शुरू करवाना जरूरी होता है।
ग्रामीण मरीजों पर ज्यादा असर
राजगढ़ विकासखंड की कई पंचायतें मुख्यालय से काफी दूरी पर स्थित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए राजगढ़ तक पहुंचना ही समय और खर्च वाला काम है। ऐसे में जांच के बाद रिपोर्ट लेने के लिए दोबारा अस्पताल या लैब पहुंचना उनके लिए अतिरिक्त परेशानी बन रहा है।
मरीजों का कहना है कि यदि रिपोर्ट समय पर उपलब्ध हो जाए तो उन्हें अनावश्यक रूप से दूसरी बार राजगढ़ आने से राहत मिल सकती है।
स्टाफ की कमी दूर करने की मांग
मरीजों ने लैब में पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती और जांच प्रक्रिया को तेज करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि मरीजों की संख्या को देखते हुए व्यवस्था को और बेहतर किए जाने की आवश्यकता है, ताकि नमूने लेने से लेकर रिपोर्ट उपलब्ध करवाने तक की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी हो सके।
मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से मामले का संज्ञान लेते हुए लैब में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध करवाने, जांच प्रक्रिया में तेजी लाने और रिपोर्ट समय पर उपलब्ध करवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
