नाहन में मजदूर-किसानों का जोरदार प्रदर्शन, पुलिस से हुई नोकझोंक; FTA और चार लेबर कोड के खिलाफ उठी आवाज
नाहन में सोमवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब FTA और केंद्र सरकार के चार लेबर कोड के विरोध में सैकड़ों मजदूर और किसान सड़क पर उतर आए।
झांसी पार्क से आगे बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठकर विरोध करने लगे।
नाहन (सिरमौर)। FTA और केंद्र सरकार के चार लेबर कोड के विरोध में सोमवार को नाहन के झांसी पार्क में मजदूरों और किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सीटू, हिमाचल किसान सभा, मिड डे मील वर्कर्स यूनियन, एटक सहित विभिन्न संयुक्त किसान और मजदूर संगठनों से जुड़े लोग प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारी झांसी पार्क में एकत्र हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने लगे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसको लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस और नोकझोंक हुई। प्रदर्शनकारियों ने पीछे हटने से इनकार कर दिया और सड़क पर बैठकर अपना विरोध दर्ज कराया।
चार लेबर कोड को लेकर मजदूरों में नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान सीटू के जिला महासचिव आशीष कुमार ने चार लेबर कोड को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कानूनों से मजदूरों के लंबे संघर्ष के बाद हासिल किए गए श्रम अधिकार कमजोर होंगे।
उन्होंने कहा कि न्यूनतम मजदूरी, काम के घंटे, ट्रेड यूनियन बनाने का अधिकार, रोजगार की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मजदूरों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
FTA को किसानों के हितों के लिए बताया खतरा
हिमाचल किसान सभा के जिला अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर ने FTA को किसानों के लिए चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि विदेशी कृषि उत्पादों की बढ़ती आमद से छोटे और मध्यम किसानों पर दबाव बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि किसान पहले ही महंगे बीज, खाद और कीटनाशकों के साथ-साथ बढ़ती उत्पादन लागत से परेशान हैं। ऐसे में सरकार को किसानों की आय बढ़ाने और उनकी फसलों के उचित दाम सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मजदूर और किसान एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और दोनों वर्गों के हितों की लड़ाई साझा है। उन्होंने सरकार से चारों लेबर कोड वापस लेने और FTA को लेकर किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान “चारों लेबर कोड वापस लो”, “FTA वापस लो” और “मजदूर-किसान एकता जिंदाबाद” जैसे नारे लगाए गए। संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में मजदूर और किसान प्रदर्शन में मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
