Himachal News: श्रीखंड महादेव की राह अब भी असुरक्षित, इस बार नहीं होगी पवित्र यात्रा; धारा 163 लागू
कुल्लू। श्रीखंड महादेव के दर्शन के लिए इस बार श्रद्धालुओं को इंतजार करना होगा। खतरनाक रास्ते और भूस्खलन के खतरे के चलते प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित नहीं माना है, जबकि निर्धारित यात्रा अवधि भी निकल चुकी है।
उत्तर भारत की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में शामिल श्रीखंड महादेव कैलाश यात्रा इस वर्ष आयोजित नहीं हो पाएगी। यात्रा मार्ग की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कुल्लू जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मार्ग को असुरक्षित माना है।
प्रशासन की ओर से 28 जून से यात्रा मार्ग पर बीएनएसएस की धारा 163 लागू की गई है, जो अभी भी प्रभावी है। ऐसे में श्रीखंड महादेव यात्रा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। वहीं, इस वर्ष आधिकारिक यात्रा 10 से 23 जुलाई तक प्रस्तावित थी, जिसकी अवधि भी अब समाप्त हो चुकी है।
दो बार भेजे गए टोही दल, मार्ग को बताया जोखिमपूर्ण
यात्रा मार्ग की मौजूदा स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रशासन की ओर से हाल ही में दूसरी बार टोही दल भेजा गया था। दल ने भी यात्रा मार्ग को जोखिमपूर्ण पाया है। विशेष रूप से भीमडवारी से पार्वती बाग के बीच का हिस्सा सबसे अधिक असुरक्षित बताया गया है।
इससे पहले भी राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारियों तथा अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान, मनाली के विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने 8 और 18 जून को यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया था। उस समय भी इसी हिस्से को जोखिमपूर्ण पाया गया था।
बारिश में बढ़ जाता है खतरा
विशेषज्ञों ने बरसात के दौरान यात्रा मार्ग पर कई तरह के खतरों की आशंका जताई है। इनमें भूस्खलन, चट्टानों के गिरने, अचानक जलस्तर बढ़ने, फ्लैश फ्लड और मलबे के बहाव जैसे खतरे शामिल हैं।
ऐसे हालात में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में आवाजाही गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा प्रतिबंध जारी रखने का फैसला किया है।
टेंट और दुकानें भी हटाई गईं
यात्रा स्थगित होने के बाद प्रशासन की ओर से श्रीखंड यात्रा मार्ग पर लगाए गए टेंट, दुकानें और अस्थायी शिविर भी हटवा दिए गए थे। इसका उद्देश्य यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकने के साथ संभावित दुर्घटनाओं को टालना था।
एसडीएम निरमंड जगदीप सिंह राठौर ने बताया कि श्रीखंड यात्रा मार्ग पर उपायुक्त कुल्लू की ओर से बीएनएसएस की धारा 163 लागू की गई है। यह आदेश अभी भी प्रभावी है और टोही दलों ने भी मार्ग को जोखिमपूर्ण पाया है। ऐसे में यात्रा शुरू नहीं की जा सकती।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि श्रद्धालु इस दौरान श्रीखंड महादेव यात्रा मार्ग पर जाने का प्रयास न करें।
