Weather Update: हिमाचल में आज-कल भारी बारिश का अलर्ट, भूस्खलन का खतरा; नालों में बहे दो लोगों के शव बरामद
हिमाचल में मानसून एक बार फिर खतरनाक तेवर दिखाने लगा है। रविवार को नालों और नदी में बहे दो लोगों के शव बरामद होने के बाद अब मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए भारी बारिश और भूस्खलन का अलर्ट जारी किया है।
शिमला। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने सोमवार को कांगड़ा और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं बिलासपुर, मंडी और सोलन में यलो अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में आगामी छह दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बना रह सकता है।
नालों और नदी में बहे दो लोगों के शव मिले
कुल्लू जिले में रविवार को बारिश के बीच लापता हुए दो लोगों के शव बरामद किए गए। ओल्ड मनाली के मनालसू नाले से एक व्यक्ति का शव मिला, जिसकी पहचान मौसम दरनाल पुत्र इच्छा राम, निवासी शिंगशार, डाकघर सुरंगा, जिला झापा (नेपाल) के रूप में हुई है। वह ओल्ड मनाली में कपड़ा सिलाई का काम करता था।
दूसरा शव मणिकर्ण घाटी में पार्वती नदी से बरामद हुआ। मृतक की पहचान देवेंद्र कुमार (25) पुत्र ठाकुर चंद निवासी शांगणा, डाकघर मणिकर्ण के रूप में हुई है। देवेंद्र के लापता होने की शिकायत उसकी माता विद्या देवी ने 23 जुलाई को पुलिस थाना मणिकर्ण में दर्ज करवाई थी।
पत्थर गिरने से फोरलेन पर यातायात प्रभावित
खराब मौसम का असर रविवार को यातायात व्यवस्था पर भी देखने को मिला। बिलासपुर जिले में कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर मैहला के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने के बाद मंडी भराड़ी चौक के आगे वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी।
दोपहर करीब 1 बजे बंद हुआ फोरलेन लगभग साढ़े छह घंटे बाद शाम 7:30 बजे यातायात के लिए बहाल किया गया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
पुलिस ने यातायात को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया। बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, कुल्लू और मनाली से चंडीगढ़ की ओर जाने वाले वाहनों को मंडी भराड़ी पुल से नौणी चौक और पुराने एनएच-205 के रास्ते स्वारघाट व कीरतपुर की ओर भेजा गया। इसी तरह चंडीगढ़ से आने वाले वाहनों को भी पुराने एनएच-205 से स्वारघाट होते हुए नौणी चौक की ओर डायवर्ट किया गया।
भूस्खलन से सड़कें बंद, पंचायतों का संपर्क कटा
रामपुर क्षेत्र में भूस्खलन के कारण बागीपुल-जाओं सड़क बंद रही। वहीं निरमंड उपमंडल की तीन पंचायतों का संपर्क भी प्रभावित हुआ।
शिमला और धर्मशाला में दिनभर मौसम बदलता रहा। कहीं धूप खिली तो कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम के लगातार बदलते मिजाज के बीच प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए भूस्खलन व सड़क अवरोध की चुनौती बनी हुई है।
एनसीसी कैंप रद्द, उड़ान भी प्रभावित
खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए 18 अगस्त से शुरू होने वाले स्कूलों के एनसीसी कैंप भी रद्द कर दिए गए हैं।
रविवार सुबह कांगड़ा में हल्की बूंदाबांदी के चलते दिल्ली से गगल स्थित कांगड़ा हवाई अड्डे पर आने वाली स्पाइसजेट की एक उड़ान भी रद्द करनी पड़ी। हालांकि दोपहर बाद मौसम साफ हो गया और धूप खिली।
पांवटा साहिब में सबसे ज्यादा बारिश
प्रदेश के कई हिस्सों में रविवार को बारिश दर्ज की गई। सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में सबसे अधिक 38.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा सराहन में 25.8 मिलीमीटर और धर्मशाला में 3.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक बारिश, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से करीब 835 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है, जबकि 66 लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में अगले कुछ दिनों के लिए जारी मौसम अलर्ट ने पहाड़ी क्षेत्रों में चिंता और बढ़ा दी है।
