फीस वृद्धि के खिलाफ पांवटा साहिब में छात्रों का बड़ा विरोध, 1,375 विद्यार्थियों ने किए हस्ताक्षर
पांवटा साहिब में फीस वृद्धि के विरोध ने अब जोर पकड़ लिया है। एबीवीपी के हस्ताक्षर अभियान में 1,375 विद्यार्थियों ने समर्थन जताते हुए सरकार के फैसले के खिलाफ अपनी आवाज दर्ज कराई है।
पांवटा साहिब (सिरमौर)। विद्यार्थियों पर बढ़ी फीस के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की पांवटा साहिब इकाई ने अपना आंदोलन आगे बढ़ाते हुए 1,375 छात्रों के हस्ताक्षर प्रदेश सरकार तक पहुंचाए हैं। परिषद ने हस्ताक्षरों को मुख्यमंत्री के नाम पत्र के साथ संलग्न कर स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा है।
एबीवीपी की ओर से चलाए गए हस्ताक्षर अभियान में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। परिषद का कहना है कि फीस वृद्धि के खिलाफ विद्यार्थियों का यह समर्थन इस मुद्दे को लेकर छात्र समुदाय में मौजूद असंतोष को दर्शाता है।
परिषद के अनुसार, शिक्षा विद्यार्थियों के भविष्य की बुनियाद है और फीस में लगातार बढ़ोतरी से छात्रों के साथ-साथ उनके अभिभावकों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। इसका सबसे अधिक असर मध्यमवर्गीय, ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों पर पड़ सकता है।
एबीवीपी पांवटा साहिब इकाई के अध्यक्ष मनीष समटा ने कहा कि 1,375 विद्यार्थियों का हस्ताक्षर करना महज एक संख्या नहीं है, बल्कि फीस वृद्धि के खिलाफ छात्रों की सामूहिक भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद हमेशा छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रही है।
मनीष समटा ने सरकार से विद्यार्थियों की समस्या पर गंभीरता से विचार करने और फीस वृद्धि के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए और सरकार को शिक्षा को अधिक सुलभ एवं किफायती बनाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
एबीवीपी पांवटा साहिब के इकाई मंत्री अनिकेत भंडारी ने बताया कि प्रदेश सरकार से फीस वृद्धि के निर्णय को वापस लेने की मांग की गई है। परिषद का मानना है कि विद्यार्थियों के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर वह आगे भी अपनी आवाज मजबूती से उठाती रहेगी।
