संगड़ाह में खनन और डंपिंग को लेकर उठे सवाल, किंकरी देवी पार्क से पर्यावरण संरक्षण की आवाज
संगड़ाह (सिरमौर)। जिस संगड़ाह की पहचान पर्यावरण प्रेमी और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता किंकरी देवी की कर्मभूमि के रूप में होती है, वहीं अब खनन गतिविधियों और मलबे की कथित डंपिंग को लेकर सवाल उठने लगे हैं। किकरी देवी पार्क से पर्यावरण संरक्षण की आवाज उठाते हुए पर्यावरण प्रेमी नाथूराम ने क्षेत्र में हो रही खनन गतिविधियों पर चिंता जताई और प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच की मांग की।
नाथूराम ने संगड़ाह को “पर्यावरण की गंगोत्री” बताते हुए कहा कि किंकरी देवी के गृह क्षेत्र में पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कथित अवैज्ञानिक और अवैध खनन गतिविधियों के साथ मलबे की डंपिंग की समस्या भी बनी हुई है।
कार्यालयों के सामने तक पहुंच रहा मलबा, नाथूराम ने उठाए सवाल
नाथूराम का कहना है कि संगड़ाह में एसडीएम और डीएसपी कार्यालय के सामने तक खनन गतिविधियों और मलबे से जुड़ी समस्या सामने आना गंभीर विषय है। उन्होंने खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए क्षेत्र में होने वाली खनन गतिविधियों की प्रभावी निगरानी और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने एक खदान पट्टाधारक की खदान से कथित रूप से होने वाली डंपिंग का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि बारिश के दौरान खदान से निकलने वाला मलबा सड़क तक पहुंच जाता है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित खदान पट्टाधारक और प्रशासन का पक्ष इस संबंध में सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
खनन गतिविधियों की जांच की मांग
नाथूराम ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में खनन गतिविधियों के दौरान पूर्व में लोगों की जान जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। उन्होंने ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि खनन कार्यों में सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र में चल रही खनन गतिविधियों की जांच करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
पंचायत प्रतिनिधि ने भी जताई चिंता
इस दौरान संगड़ाह ग्रामीण पंचायत के प्रधान तपेन्द्र राणा ने भी क्षेत्र में खनन गतिविधियों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि खनन कार्य इसी तरह जारी रहे तो भविष्य में इसका असर जनजीवन और पर्यावरण पर पड़ सकता है। उन्होंने संबंधित विभाग से खनन गतिविधियों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
कार्यक्रम के दौरान उपप्रधान ओमप्रकाश, सुरेंद्र सिंह कंठ, अनिल ठाकुर, कपिल ठाकुर, बलिंद्र सिंह, जोगेंद्र, सोमप्रकाश, संजय और चेतन शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
