शिमला में 7 ग्राम चिट्टे के मामले में बड़ा फैसला, तस्कर को 2 साल की सजा
सात ग्राम चिट्टे के साथ पकड़े गए आरोपी को आखिरकार अदालत से सजा मिल गई। शिमला की अदालत ने दोषी रणवीर सिंह को दो साल के कठोर कारावास के साथ 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
शिमला। मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच शिमला से जुड़े एक मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2, शिमला की अदालत ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी पाए गए रणवीर सिंह को दो वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
यह मामला पुलिस थाना बालूगंज में दर्ज किया गया था। आरोपी रणवीर सिंह पुत्र रूप लाल, जिला मंडी के सुंदरनगर का रहने वाला है। उसके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
सात ग्राम चिट्टा बरामद होने के बाद शुरू हुई जांच
पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपी के कब्जे से करीब 7 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्र किए गए और कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले को आगे बढ़ाया गया। इसके बाद अदालत में पुलिस की ओर से मामले की प्रभावी पैरवी की गई।
उपलब्ध साक्ष्यों और पुलिस की पैरवी के आधार पर अदालत ने रणवीर सिंह को दोषी माना और उसे दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माना नहीं भरा तो एक महीने की अतिरिक्त सजा
अदालत के आदेश के मुताबिक, यदि आरोपी 25 हजार रुपये का जुर्माना अदा नहीं करता है तो उसे एक महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
नशे के मामलों में जांच और पैरवी पर जोर
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि केवल आरोपी को गिरफ्तार करना ही पुलिस की कार्रवाई का हिस्सा नहीं है, बल्कि मामलों की गुणवत्तापूर्ण जांच और अदालत में प्रभावी पैरवी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया को मजबूत करना और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाना है।
