रोहड़ू में चिट्टा सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़! यूपी-पंजाब तक जुड़े तार, 5 आरोपी गिरफ्तार
रोहड़ू में 53 ग्राम चिट्टा बरामदगी से शुरू हुई जांच अब अंतरराज्यीय नेटवर्क तक पहुंच गई है। शिमला पुलिस ने मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार कर कुल गिरफ्तारियों की संख्या पांच होने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, जांच में हिमाचल के साथ उत्तर प्रदेश और पंजाब तक फैले नशे की सप्लाई के कथित संपर्क सामने आए हैं।
रोहड़ू (शिमला)। शिमला पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रोहड़ू क्षेत्र में सक्रिय कथित चिट्टा सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में हिमाचल प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश और पंजाब के रहने वाले लोग भी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत रोहड़ू में हुई कार्रवाई से हुई, जहां पिंकू राम और सुनील पुहारता को 53 ग्राम चिट्टा यानी हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए नशे की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों और संपर्कों की जानकारी जुटानी शुरू की।
डिजिटल साक्ष्यों और बैंक खातों की जांच से मिले सुराग
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी का विश्लेषण किया गया। इसके अलावा आरोपियों के बीच संपर्क और नशे की सप्लाई से जुड़े अन्य लिंक की भी पड़ताल की गई।
जांच के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर निवासी सलमान हैदर और पंजाब के गुरदासपुर जिले के काला अफगाना निवासी 29 वर्षीय थॉमस मसीह को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों को कथित तौर पर इस नेटवर्क के प्रमुख सप्लायरों में शामिल बताया है।
रोहड़ू से एक और आरोपी गिरफ्तार
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने रोहड़ू क्षेत्र के करालश गांव निवासी 33 वर्षीय मनोज ठाकुर उर्फ सन्नी को भी गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी नशे की सप्लाई से जुड़े आगे के संपर्कों की जांच के आधार पर की गई।
पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में गिरफ्तार पांचों आरोपियों के बीच रोहड़ू क्षेत्र में सक्रिय कथित चिट्टा सप्लाई नेटवर्क से संबंध सामने आए हैं।
नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस
शिमला पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस नशे की सप्लाई के पीछे जुड़े लोगों और संपर्कों का पता लगाने के लिए तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों, डिजिटल जानकारी और अन्य साक्ष्यों की मदद ले रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान नेटवर्क की कड़ियों को आगे और पीछे दोनों स्तरों पर खंगाला गया। इसी प्रक्रिया के तहत कथित सप्लायरों से लेकर रोहड़ू क्षेत्र में नशे की सप्लाई से जुड़े लोगों तक पहुंच बनाई गई।
शिमला पुलिस ने दावा किया है कि तकनीकी विश्लेषण और वैज्ञानिक तरीके से की गई जांच के जरिए अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों को तोड़ने में सफलता मिली है। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
