नाहन में साइबर सुरक्षा पर बड़ा जागरूकता अभियान: एक क्लिक की गलती से बचाने के लिए पुलिस ने बताए अहम उपाय
1930 हेल्पलाइन, WhatsApp सुरक्षा, खोया मोबाइल ट्रैक करने से लेकर ऑनलाइन ठगी से बचाव तक दी गई पूरी जानकारी
नाहन। सड़क सुरक्षा एवं जनजागरूकता बैठक के उपरांत साइबर कमांडो कांस्टेबल प्रदीप कुमार ने उपस्थित नागरिकों को साइबर अपराधों और डिजिटल सुरक्षा के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, व्हाट्सएप फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए उनसे बचने के प्रभावी उपाय बताए।
उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में थोड़ी-सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना आवश्यक है।
संचार साथी पोर्टल की दी जानकारी
कार्यक्रम में भारत सरकार के संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल के विभिन्न फीचर्स की जानकारी दी गई। नागरिकों को बताया गया कि चक्षु (Chakshu) सुविधा के माध्यम से संदिग्ध कॉल, फर्जी एसएमएस, व्हाट्सएप संदेश और अन्य दूरसंचार आधारित साइबर धोखाधड़ी की ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।
इसके अलावा CEIR पोर्टल के माध्यम से खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को IMEI नंबर के आधार पर ब्लॉक करने, ट्रेस करने तथा मोबाइल मिलने पर उसे दोबारा अनब्लॉक करने की पूरी प्रक्रिया भी समझाई गई।
अपने नाम पर कितने मोबाइल नंबर हैं, ऐसे करें जांच
प्रतिभागियों को TAF-COP सेवा के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इस सुविधा से वे अपने नाम पर जारी सभी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यदि किसी के नाम पर कोई अनधिकृत मोबाइल नंबर जारी पाया जाता है, तो उसकी ऑनलाइन शिकायत कर संबंधित नंबर को बंद करवाने का अनुरोध किया जा सकता है।
साथ ही KYM (Know Your Mobile) सुविधा के माध्यम से मोबाइल हैंडसेट की वैधता, IMEI की स्थिति तथा ब्लैकलिस्टेड या संदिग्ध मोबाइल की पहचान करने की जानकारी भी दी गई।
WhatsApp यूजर्स के लिए जरूरी सलाह
साइबर कमांडो ने नागरिकों को अपने व्हाट्सएप अकाउंट में Two-Step Verification अनिवार्य रूप से चालू करने की सलाह दी। साथ ही Groups, Profile Photo, About और Status की Privacy Setting को “My Contacts” पर रखने की अपील की गई।
उन्होंने कहा कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK या अन्य संदिग्ध फाइल डाउनलोड न करें तथा कभी भी OTP, UPI PIN, बैंक खाते की जानकारी, डेबिट/क्रेडिट कार्ड विवरण या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें यह काम
कार्यक्रम में Money Refund Module (MRM) Portal की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है और समय रहते राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज करता है तथा संबंधित बैंक धोखाधड़ी की राशि होल्ड कर देता है, तो वह ऑनलाइन Refund Request भी दर्ज कर सकता है।
इसके लिए 14 अंकों का NCRP Acknowledgement Number दर्ज कर OTP के माध्यम से सत्यापन किया जाता है। सफल पंजीकरण के बाद प्राप्त Request ID से धनवापसी की प्रक्रिया की स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकती है।
शिकायत दर्ज करने का लाइव प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को 1930 हेल्पलाइन तथा National Cyber Crime Reporting Portal पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। उन्हें बताया गया कि साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत शिकायत दर्ज करना सबसे महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि समय पर कार्रवाई होने पर ठगी गई राशि को होल्ड या रिकवर किए जाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
सतर्क रहने की अपील
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी नागरिकों से अपील की गई कि वे किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक, QR कोड या आकर्षक ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आएं। मोबाइल और सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा एवं प्राइवेसी सेटिंग्स की समय-समय पर समीक्षा करें तथा डिजिटल सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाएं।
बैठक का समापन सड़क सुरक्षा उपायों को और अधिक प्रभावी बनाने, नाहन शहर में यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था में सुधार लाने तथा आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति निरंतर जागरूक करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
