HP Politics: हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार की जयंती पर सियासी वार-पलटवार, सीएम सुक्खू और जयराम ठाकुर आमने-सामने
शिमला। हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार की जयंती पर आयोजित गरिमामयी समारोह उस समय राजनीतिक रंग में रंग गया, जब मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने एक-दूसरे पर खुलकर सियासी तीर चलाए। एक ही मंच पर मौजूद दोनों नेताओं के बीच पहले समारोह के स्वरूप को लेकर और फिर प्रदेश की राजनीति व भविष्य के चुनावी समीकरणों पर तीखी बयानबाजी देखने को मिली।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लाइब्रेरी हॉल में मंगलवार को प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री एवं हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार की जयंती पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर सहित कई मंत्री, विधायक और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान अपने संबोधन में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में डॉ. वाईएस परमार की जयंती पीटरहॉफ में भव्य स्तर पर मनाई जाती थी, लेकिन सरकार बदलने के साथ व्यवस्थाएं भी बदल गई हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल निर्माता के सम्मान में कार्यक्रम अधिक भव्य होना चाहिए। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि समारोह में दिखाई जाने वाली डॉक्यूमेंट्री में प्रदेश के अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों के योगदान को भी शामिल किया जाए।
जयराम ठाकुर की टिप्पणी पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जवाब देते हुए कहा कि केवल भव्य आयोजन करने से डॉ. परमार के सपनों को साकार नहीं किया जा सकता। उनकी नीतियों और विकास की सोच को जमीन पर उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार डॉ. परमार की सोच को आगे बढ़ाने का काम कर रही है और विद्यार्थियों के लिए उनके नाम पर ऋण योजना भी शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष से प्रदेश हित में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री से मिलकर हिमाचल के लिए राजस्व घाटा अनुदान बंद होने की क्षतिपूर्ति तथा आपदा राहत के लिए घोषित 1500 करोड़ रुपये की राशि जारी करवाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन प्रदेश के विकास के लिए सभी दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए।
विधानसभा परिसर में भी जारी रही बयानबाजी
समारोह के बाद विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान भी दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक तल्खी देखने को मिली। मुख्यमंत्री सुक्खू ने दावा किया कि अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा की स्थिति और कमजोर होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के मौजूदा 28 विधायकों में से 16 दोबारा विधानसभा नहीं पहुंच पाएंगे और उनकी पार्टी का प्रदर्शन पहले से भी खराब रहेगा।
मुख्यमंत्री के इस बयान पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा कि इससे भी कम सीटें कांग्रेस को मिलेंगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अब भविष्यवाणी करने का नया काम शुरू कर दिया है, लेकिन उनकी बातों को न उनकी पार्टी गंभीरता से लेती है और न ही विपक्ष।
डॉ. वाईएस परमार की जयंती पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह भले ही उनके योगदान को याद करने के लिए था, लेकिन कार्यक्रम के दौरान और उसके बाद हुई राजनीतिक बयानबाजी ने इसे प्रदेश की सियासत का नया अखाड़ा बना दिया।
