बिल पास कराने के नाम पर रिश्वत का खेल, लेकिन इस बार बिछा था विजिलेंस का जाल!
महज कुछ ही मिनटों में 8 हजार रुपये की घूस लेते ही लोक निर्माण विभाग का जेई रंगे हाथ गिरफ्तार हो गया।
Himachal: लोक निर्माण विभाग का जेई 8 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, बिल पास कराने के लिए मांगी थी 15 हजार की घूस
ऊना (हिमाचल प्रदेश)। हिमाचल प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। राज्य विजिलेंस एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मंगलवार को ऊना जिले में लोक निर्माण विभाग (विद्युत विंग) के एक कनिष्ठ अभियंता (जेई) को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर एक ठेकेदार से लंबित बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, एक ठेकेदार ने विजिलेंस के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका करीब 1.50 लाख रुपये का बिल लंबे समय से लंबित है। आरोप है कि बिल पास करने के बदले संबंधित जेई ने 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बातचीत के दौरान आरोपी ने पहली किस्त के रूप में 8 हजार रुपये देने को कहा।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने पहले पूरे मामले का सत्यापन किया। शिकायत सही पाए जाने पर डीएसपी विजिलेंस फिरोज खान के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई। मंगलवार दोपहर विभागीय कार्यालय में जाल बिछाया गया। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ठेकेदार रिश्वत की रकम लेकर कार्यालय पहुंचा। जैसे ही जेई ने 8 हजार रुपये स्वीकार किए, पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान विजिलेंस ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली। साथ ही कार्यालय से मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जांच के लिए जब्त किए गए हैं।
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी जेई के अंब उपमंडल की लोहारा ग्राम पंचायत स्थित आवास पर भी तलाशी ली। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई। फिलहाल आरोपी विजिलेंस की हिरासत में है और उसे बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आरोपी जेई मार्च 2027 में सेवानिवृत्त होने वाला था। विजिलेंस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस मामले से जुड़े अन्य लोग या रिश्वतखोरी के अन्य प्रकरण भी तो सामने नहीं आते।
डीएसपी विजिलेंस फिरोज खान ने बताया कि शिकायत के आधार पर ट्रैप कार्रवाई सफल रही है। मामले की गहन जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
