कालाअंब में किशोरों की चोरी से दहशत, रात के अंधेरे में पीजी कमरों में घुसकर उड़ा रहे मोबाइल व सामान
कालाअंब (सिरमौर/अंबाला), 03 अगस्त। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में चोरी की बढ़ती घटनाओं ने स्थानीय लोगों और पीजी में रहने वाले कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। सबसे हैरानी की बात यह है कि इन वारदातों में कथित रूप से किशोर बच्चों की संलिप्तता सामने आ रही है, जिनकी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई हैं।
हरियाणा की सीमा में कालाअंब स्थित शिवालिक कॉलोनी से सामने आए एक मामले ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अभिभावकों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ किशोर देर रात पीजी हाउस (पेइंग गेस्ट हॉउस) में रहने वाले लोगों के कमरों में घुसकर मोबाइल फोन तथा अन्य कीमती सामान चोरी कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, हाल ही हुई दो अलग अलग चोरी की घटनाओं की सीसीटीवी फुटेज में एक ही किशोर पीजी परिसर में प्रवेश करते और कुछ देर बाद बाहर निकलते दिखाई दे रहा है। फुटेज सामने आने के बाद पीजी संचालकों और वहां रहने वाले कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगी तो भविष्य में ऐसी वारदातें और बढ़ सकती हैं।
माता-पिता उद्योगों में, बच्चे घर पर अकेले
बताया जा रहा है कि कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण बड़ी संख्या में श्रमिक और कर्मचारी दिनभर फैक्ट्रियों में काम करते हैं। ऐसे में कई परिवारों के बच्चे लंबे समय तक घर पर अकेले रहते हैं। उचित निगरानी और मार्गदर्शन के अभाव में कुछ बच्चे गलत संगत में पड़कर छोटी-मोटी चोरी जैसी गतिविधियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
छोटी उम्र में अपराध की प्रवृत्ति बन सकती है बड़ा खतरा
वहीं, सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बचपन में चोरी जैसी आदतों को समय रहते नहीं रोका गया तो यही प्रवृत्ति आगे चलकर गंभीर आपराधिक गतिविधियों का रूप ले सकती है। इसलिए परिवार और समाज की संयुक्त जिम्मेदारी है कि ऐसे बच्चों को नैतिक शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक वातावरण के लिए प्रयास किए जाएं।
अभिभावकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण
विशेषज्ञों का ये भी कहना है कि बच्चों को केवल अच्छी शिक्षा दिलाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी दिनचर्या, मित्र मंडली और गतिविधियों पर भी नियमित नजर रखना जरूरी है। यदि किसी बच्चे के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई दे तो अभिभावकों को उससे संवाद कर उचित मार्गदर्शन देना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने बढ़ाई सुरक्षा की मांग
शिवालिक कॉलोनी और आसपास के पीजी संचालकों ने क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने व सीसीटीवी निगरानी को और मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाने से चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है और क्षेत्र में रहने वाले लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।
(नोट: इस मामले में बच्चों की कथित संलिप्तता की जानकारी स्थानीय लोगों और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सामने आई है। संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही अंतिम तथ्य स्पष्ट होंगे।)
