HP Education Department: दिव्यांग कोटे से 50 मुख्याध्यापक बने प्रधानाचार्य, 14 को मिली नई तैनाती
हिमाचल के शिक्षा विभाग में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे दिव्यांग श्रेणी के अधिकारियों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है।
सरकार ने एक साथ 50 मुख्याध्यापकों को प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नत करने के साथ 14 प्रधानाचार्यों को नई तैनाती देकर अहम प्रशासनिक फैसला लिया है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग में दिव्यांग आरक्षण श्रेणी के तहत बड़ी पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करते हुए 50 मुख्याध्यापकों को प्रधानाचार्य (स्कूल कैडर) के पद पर पदोन्नत किया है। विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की सिफारिशों के आधार पर जारी अधिसूचना के अनुसार इन पदोन्नतियों को विभिन्न तिथियों से प्रभावी माना जाएगा।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पदोन्नतियां कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के 27 अगस्त 2024 के दिशा-निर्देशों के तहत दिव्यांगजन आरक्षण श्रेणी में प्रदान की गई हैं। पदोन्नत अधिकारियों को संशोधित वेतन नियम-2022 के लेवल-21 के अनुसार प्रधानाचार्य पद का वेतनमान और अन्य लाभ मिलेंगे।
मृत अधिकारियों के मामलों में भी मिलेगा लाभ
विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार पदोन्नत अधिकारियों में कुछ पहले से प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं, जबकि कुछ सेवानिवृत्त हो चुके हैं। दो अधिकारियों का निधन भी हो चुका है। ऐसे मामलों में पदोन्नति का लाभ केवल सेवा अभिलेखों के संशोधन तथा वित्तीय देयकों के निर्धारण के उद्देश्य से लागू किया जाएगा।
एक माह के भीतर देना होगा वेतन निर्धारण का विकल्प
अधिसूचना में कहा गया है कि पदोन्नत अधिकारी एफआर-22 के तहत वेतन निर्धारण का विकल्प अधिसूचना जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर दे सकेंगे। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने नए तैनाती स्थल पर शीघ्र कार्यभार ग्रहण कर शिक्षा विभाग को ज्वाइनिंग रिपोर्ट भेजें।
बताया जा रहा है कि दिव्यांग श्रेणी से संबंधित यह पदोन्नति मामला लंबे समय से लंबित था, जिसके कारण कई पात्र अधिकारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया था।
14 प्रधानाचार्यों को नई तैनाती
सरकार ने पदोन्नति प्रक्रिया के साथ 14 प्रधानाचार्यों को विभिन्न विद्यालयों एवं संस्थानों में नई नियुक्तियां भी दी हैं। जारी आदेशों के अनुसार सुखराम को ग्वालपुर (मंडी), सुनील कुमार चौहान को चंबा, सुरिंदर कुमार को डैंकवां (कांगड़ा), बिशन दास शर्मा को उरला (मंडी), अंजू बाला को ततवानी (कांगड़ा), संजीव कुमार को भरोली जदीद (कांगड़ा), नरेश कुमार को सौर (सोलन), दिनेश कुमार को बहडाला (ऊना), लता कुमारी को नंज (मंडी), राजेश कुमार को डीआईईटी मंडी, राकेश कुमार को कढ़ (ऊना), वीरेंद्र सिंह चौहान को डीआईईटी शामलाघाट (शिमला), अजय कुमार को सिंगा (ऊना) तथा लक्ष्मण सिंह को घासनू (मंडी) में नियुक्त किया गया है।
सरकार के इस फैसले को शिक्षा विभाग में लंबित पदोन्नतियों के निस्तारण और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
