Himachal News : महिला कांस्टेबल पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में गायक गोपी जैक्स पर FIR, पुलिस ने शुरू की जांच
शिमला: एक प्रेस वार्ता में कथित तौर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गई है। महिला कांस्टेबल की शिकायत के बाद हिमाचल के चर्चित गायक गोपी जैक्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से मामला चर्चा का विषय बन गया है।
शिमला जिला पुलिस ने महिला कांस्टेबल के संबंध में कथित आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी किए जाने के मामले में गायक गोपी जैक्स के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला कांस्टेबल दीपिका ठाकुर की शिकायत के आधार पर महिला पुलिस थाना बीसीएस में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
प्रेस वार्ता में सार्वजनिक टिप्पणी का आरोप
शिकायत के अनुसार, एक प्रेस वार्ता के दौरान गोपी जैक्स ने महिला कांस्टेबल को लेकर सार्वजनिक रूप से कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां कीं। आरोप है कि उन्होंने महिला पुलिसकर्मी की शारीरिक बनावट को लेकर भी टिप्पणी की, जिससे उनकी गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंची।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से बढ़ी मानसिक पीड़ा
महिला कांस्टेबल का कहना है कि प्रेस वार्ता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके कारण उन्हें सार्वजनिक अपमान का सामना करना पड़ा। शिकायत में कहा गया है कि इस घटनाक्रम से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई और उन्हें गंभीर मानसिक तनाव झेलना पड़ा। शिकायत में एक पुलिस अधिकारी का नाम भी शामिल होने की बात कही गई है।
पुलिस बोली- निष्पक्ष जांच जारी
जिला पुलिस ने बताया कि प्राप्त शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और कानून सम्मत जांच की जा रही है तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महिला कांस्टेबल ने लगाए मानसिक उत्पीड़न के आरोप
मामले में नया मोड़ तब आया जब ‘बैंड हार्मनी ऑफ द पाइन्स’ से जुड़ी दो महिला कलाकारों तथा महिला कांस्टेबल दीपिका ठाकुर और कृतिका ने भी महिला थाना शिमला में अलग शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कार्यस्थल पर मानसिक उत्पीड़न, मानहानि, अवैध निगरानी और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
रिपन अस्पताल में उपचार के दौरान दीपिका ठाकुर ने आरोप लगाया कि हालिया घटनाक्रम के बाद वह गहरे मानसिक तनाव से गुजर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि वह डिप्रेशन की स्थिति में हैं और उनके मन में आत्महत्या जैसे विचार भी आ रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
जांच जारी, आरोपों की पुष्टि बाकी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
