Himachal News: असिस्टेंट स्टाफ नर्स भर्ती को सुप्रीम कोर्ट से राहत, चयन प्रक्रिया पूरी होगी लेकिन नियुक्ति पर रहेगी यह बड़ी शर्त
हजारों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है।
हिमाचल में लंबे समय से अटकी असिस्टेंट स्टाफ नर्स भर्ती अब आगे बढ़ेगी, लेकिन नौकरी जॉइन करने से पहले उम्मीदवारों को एक अहम कानूनी शर्त माननी होगी।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में लंबित असिस्टेंट स्टाफ नर्स (Assistant Staff Nurse) भर्ती को लेकर सुप्रीम कोर्ट से राज्य सरकार को अंतरिम राहत मिल गई है। सर्वोच्च अदालत ने स्वास्थ्य विभाग को भर्ती की चयन और नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की अनुमति दे दी है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस भर्ती के तहत की जाने वाली सभी नियुक्तियां हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में लंबित रिट याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी।
न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने सुनवाई के दौरान निर्देश दिया कि चयनित प्रत्येक अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र जारी करते समय स्पष्ट रूप से बताया जाए कि उसकी नियुक्ति हाईकोर्ट के अंतिम फैसले के अनुसार मान्य होगी। यह अंतरिम आदेश हिमाचल प्रदेश सरकार बनाम बालकृष्ण मामले में पारित किया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के 18 मई 2026 और 16 जून 2026 के आदेशों को चुनौती देते हुए दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुनवाई के दौरान प्रतिवादी को नोटिस जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को निर्धारित की गई है।
6 नवंबर 2025 की अधिसूचना के तहत पूरी होगी भर्ती
शीर्ष अदालत ने 6 नवंबर 2025 की अधिसूचना के तहत असिस्टेंट स्टाफ नर्स भर्ती की चयन और नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की अनुमति दी है। साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि वह पांच कार्य दिवस के भीतर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में विस्तृत हलफनामा दाखिल करे।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट इस मामले की शीघ्र सुनवाई कर अंतिम निर्णय देने का प्रयास करे। इसके अलावा राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर प्रतिवादी को नोटिस की तामील सुनिश्चित करने और आवश्यक जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिया अंतिम अवसर
उधर, गुरुवार को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में भी इस मामले पर सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का अंतिम अवसर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य सरकार अभी तक प्रदेश में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत कर्मचारियों की सटीक संख्या अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सकी है। ऐसे में भर्ती से जुड़े मामले पर आगे की सुनवाई अब तय तिथियों पर होगी, जबकि चयन और नियुक्ति प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के अनुसार जारी रह सकेगी।
