Heavy Rain Alert: हिमाचल में अगले 48 घंटे भारी, IMD की चेतावनी- इन जिलों में बहुत भारी बारिश का खतरा
अगर आप अगले दो दिनों में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है।
आईएमडी ने हिमाचल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) शिमला ने राज्य के कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार 29 जुलाई से 4 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जबकि कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 30 और 31 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश होने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी का खतरा बना हुआ है। पर्वतीय मार्गों पर फिसलन बढ़ने और दृश्यता कम होने से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ सकती है। कई स्थानों पर सड़कें बाधित होने और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
बारिश का असर कृषि और बागवानी पर भी पड़ सकता है। खेतों में जलभराव और तेज हवाओं के कारण फसलों तथा फलदार पौधों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। ऐसे में किसानों और बागवानों को भी आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। पालमपुर में सबसे अधिक 13 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई, जबकि जोगिंद्रनगर में 11 सेंटीमीटर और कांगड़ा एयरपोर्ट क्षेत्र में 10 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते सतर्कता बरतने से संभावित नुकसान और हादसों से काफी हद तक बचा जा सकता है।
