हिमाचल में जाली कृषक प्रमाण-पत्र का बड़ा मामला! कृषि भूमि खरीद को लेकर सिरमौर में दर्ज हुई FIR, जांच में जुटी पुलिस।
शिकायत में महिला पर फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और स्थानीय लोगों को धमकाने के भी आरोप लगाए गए हैं।
सराहां (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पच्छाद क्षेत्र में कथित रूप से जाली कृषक प्रमाण-पत्र के आधार पर कृषि भूमि खरीदने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद पच्छाद पुलिस ने एक महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गांव एवं डाकघर सराहां, तहसील पच्छाद निवासी इंद्र दत्त ने थाना पच्छाद में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चंडीगढ़ के सेक्टर-49D की निवासी तथा वर्तमान में गांव पोहघाट, पच्छाद में रह रही एक महिला ने कथित रूप से जाली कृषक प्रमाण-पत्र तैयार करवाकर उसका उपयोग किया और नियमों के विपरीत कृषि भूमि की खरीद की।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि भूमि खरीद की पूरी प्रक्रिया में कृषि भूमि से जुड़े नियमों की अनदेखी की गई। साथ ही, विरोध करने पर उन्हें और अन्य स्थानीय लोगों को डराने-धमकाने का प्रयास भी किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पच्छाद पुलिस ने संबंधित महिला के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस अब दस्तावेजों की सत्यता, कृषक प्रमाण-पत्र की वैधता और भूमि खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच कर रही है तथा जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं।
