कालाअंब के मोगीनंद स्थित फैक्ट्री में हादसे के बाद मुआवजे की मांग को लेकर मजदूरों का प्रदर्शन
80 हजार रूपए तत्काल सहायता, 4 लाख रूपए सरकारी राहत और अन्य मुआवजे का आश्वासन

कालाअंब (सिरमौर): सांप के काटने से मजदूर की मौत के बाद रविवार को कालाअंब के मोगीनंद स्थित फैक्ट्री के बाहर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। शव को फैक्ट्री गेट पर रखकर मुआवजे की मांग को लेकर मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन किया और स्थिति इतनी बिगड़ी कि गेट पर पथराव तक हो गया।
जिला सिरमौर के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के मोगीनंद स्थित वुड स्टॉक लैमिनेट्स लिमिटेड में सांप के काटने से एक मजदूर की मौत के बाद रविवार को फैक्ट्री परिसर के बाहर हंगामे की स्थिति बन गई। मृतक के परिजनों और बड़ी संख्या में मजदूरों ने शव को फैक्ट्री गेट पर रखकर मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मांगें पूरी नहीं होने पर कुछ मजदूरों ने फैक्ट्री गेट के बाहर से फैक्ट्री परिसर की ओर पथराव भी किया। सूचना मिलते ही एसडीएम नाहन राजीव संख्यान मौके पर पहुंचे और करीब एक घंटे तक चली वार्ता के बाद मामला शांत कराया।

मृतक की पहचान 43 वर्षीय बबलू पुत्र ब्रिज लाल, निवासी गांव भटपुरा जागीर, डाकघर रडथौरा, तहसील व जिला बरेली (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर फैक्ट्री परिसर में काम के दौरान जहरीले सांप ने उसे काट लिया था। हालत बिगड़ने पर पहले उसे नारायणगढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहां से अंबाला रेफर किया गया। शनिवार रात अंबाला में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद कालाअंब पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिजन और बड़ी संख्या में मजदूर शव लेकर फैक्ट्री पहुंचे और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
बताया जा रहा है कि काफी देर तक मांगों पर सहमति नहीं बनने से माहौल तनावपूर्ण हो गया और कुछ मजदूरों ने फैक्ट्री गेट के बाहर से पथराव कर दिया। शाम करीब सात बजे एसडीएम नाहन राजीव संख्यान मौके पर पहुंचे। उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन और मजदूर प्रतिनिधियों के साथ वार्ता की, जिसके बाद देर शाम करीब आठ बजे दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।
एसडीएम राजीव संख्यान ने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन ने अंतिम संस्कार के लिए मृतक के परिजनों को तत्काल ₹80 हजार की नकद सहायता प्रदान की है। इसके अलावा बरेली तक शव पहुंचाने के लिए एंबुलेंस और एक अन्य वाहन की व्यवस्था भी फैक्ट्री की ओर से की गई है। उन्होंने बताया कि ईएसआईसी और फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से देय मुआवजा दो सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं प्रदेश सरकार की ओर से आपदा प्रबंधन के तहत मृतक के परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
बबलू पिछले करीब 10 वर्षों से फैक्ट्री में कार्यरत था। वह अपने पीछे पत्नी ननी देवी, दो बेटियों (8 वर्ष और 2 वर्ष) तथा एक बेटे को छोड़ गया है। उसकी असमय मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
