Himachal Weather News: 27 से 29 जुलाई के बीच बारिश का बड़ा अलर्ट, कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी
शिमला। अगर आप अगले कुछ दिनों में हिमाचल प्रदेश में यात्रा की योजना बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। मौसम विभाग ने 27 से 29 जुलाई के बीच राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और सड़क बाधित होने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
भारत मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) शिमला के ताजा मौसम बुलेटिन के अनुसार, 23 से 29 जुलाई तक पूरे प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। हालांकि 27 जुलाई से मानसून के और अधिक सक्रिय होने के संकेत मिले हैं, जिसके चलते कई क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज हो सकती है।
27 से 29 जुलाई रहेगा सबसे संवेदनशील दौर
मौसम विभाग के अनुसार 27 जुलाई को कांगड़ा, मंडी और शिमला जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा चंबा, कुल्लू, सोलन और सिरमौर के कुछ स्थानों पर भी भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जबकि नदियों और खड्डों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ने की आशंका है।
इन इलाकों में बढ़ सकता है खतरा
आईएमडी ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड, भूस्खलन, जलभराव और सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति बन सकती है। कम दृश्यता और फिसलन के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
निचले इलाकों में पानी भरने तथा नदी-नालों के उफान पर आने की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। नदी, नालों और खड्डों के आसपास जाने से परहेज करें तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतें।
साथ ही प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा एडवाइजरी का पालन करें तथा मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखें।
पांच बड़ी बातें
27 से 29 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट।
23 से 29 जुलाई तक प्रदेशभर में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना।
कांगड़ा, मंडी और शिमला में सबसे अधिक असर पड़ने का अनुमान।
भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, जलभराव और सड़क हादसों का खतरा बढ़ सकता है।
लोगों को नदी-नालों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
