हिमाचल Breaking: बद्दी में फर्जी फार्मा कंपनी का भंडाफोड़, जाली लाइसेंस के दम पर ठगी का खेल चला रहा था आरोपी
क्या आप जिस दवा कंपनी पर भरोसा कर रहे हैं, वह सच में असली है?
हिमाचल के बद्दी में सामने आए एक बड़े खुलासे ने दवा कारोबार से जुड़े लोगों को भी हैरान कर दिया है।
बद्दी (सोलन)। देश की फार्मा राजधानी कहे जाने वाले बद्दी में एक फर्जी फार्मा कंपनी का भंडाफोड़ हुआ है। हिमाचल प्रदेश औषधि नियंत्रण प्रशासन और हरियाणा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर जाली दवा निर्माण लाइसेंस, नकली जीएमपी (GMP) और जीएलपी (GLP) प्रमाणपत्रों के आधार पर खुद को वैध दवा निर्माता बताकर कारोबारियों से ऑर्डर हासिल कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजय कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से कांगड़ा का निवासी बताया जा रहा है। हालांकि, उसके आधार कार्ड में पता बद्दी का दर्ज है। कार्रवाई के बाद हरियाणा पुलिस आरोपी को अपने साथ कैथल ले गई, जहां उससे आगे की पूछताछ की जाएगी।
महिला कर्मचारी के जरिए लिए जाते थे ऑर्डर
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बद्दी के शीतलपुर क्षेत्र में ‘मैसर्ज डॉ. ट्रस्टमेड’ के नाम से कथित फर्जी फार्मा कंपनी संचालित कर रहा था। कार्यालय में तैनात एक महिला कर्मचारी विभिन्न राज्यों के दवा कारोबारियों और खरीदारों से फोन के माध्यम से संपर्क कर ऑर्डर बुक करती थी। इसके बाद ग्राहकों से भुगतान या ऑर्डर लेने के बावजूद दवाओं की आपूर्ति नहीं की जाती थी।
छापेमारी में मिले कई फर्जी दस्तावेज
संयुक्त टीम ने छापेमारी के दौरान आरोपी के कब्जे से फर्जी दवा निर्माण लाइसेंस, नकली जीएमपी और जीएलपी प्रमाणपत्र सहित कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर आरोपी खरीदारों का विश्वास जीतकर कारोबार कर रहा था।
ऐसे खुली ठगी की परतें
मामले का खुलासा तब हुआ जब कैथल और जीरकपुर के दो दवा कारोबारियों ने आरोपी को करीब डेढ़ लाख रुपये के दवा ऑर्डर दिए। भुगतान और ऑर्डर मिलने के बावजूद उन्हें दवाओं की आपूर्ति नहीं की गई। खुद को ठगा महसूस करने पर कैथल के एक खरीदार ने साइबर पुलिस थाना कैथल में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर हरियाणा पुलिस ने जांच शुरू की और हिमाचल प्रदेश औषधि नियंत्रण प्रशासन से संपर्क किया। इसके बाद संयुक्त टीम ने बुधवार रात बद्दी में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में हो सकते हैं बड़े खुलासे
राज्य औषधि नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि बद्दी में फर्जी फार्मा कंपनी संचालित किए जाने की सूचना मिलने के बाद संयुक्त अभियान चलाया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई के लिए हरियाणा पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
अब तक जांच में करीब 1.5 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। हालांकि, अधिकारियों को आशंका है कि आरोपी ने इसी तरह कई अन्य दवा कारोबारियों को भी निशाना बनाया हो सकता है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य खुलासे भी हो सकते हैं।
