हिमाचल: म्यूटेशन के नाम पर 2 लाख की रिश्वत! विजिलेंस के ट्रैप में फंसे कानूनगो, पटवारी और सहायक
मंडी (हिमाचल प्रदेश)। जमीन का म्यूटेशन करवाने के लिए अगर कोई सरकारी कर्मचारी लाखों रुपये की रिश्वत मांगे तो क्या होगा? मंडी जिले में ऐसा ही मामला सामने आया, जहां विजिलेंस ने सुनियोजित ट्रैप बिछाकर कानूनगो, पटवारी और उनके सहायक को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) ने मंडी जिले के गोहर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूटेशन के बदले दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में कानूनगो, पटवारी और उनके सहायक को गिरफ्तार किया है। शिकायत का सत्यापन करने के बाद विजिलेंस टीम ने सहायक को एक लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर कानूनगो और पटवारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता पूर्ण चंद ने विजिलेंस को बताया था कि उसकी जमीन का म्यूटेशन करने के बदले कानूनगो बंसी लाल और पटवारी अरुण धीमान ने दो लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। आरोप है कि पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये लेने के लिए दोनों अधिकारियों ने अपने सहायक ललित कुमार को भेजा।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने पूरे मामले का सत्यापन किया और योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। जैसे ही ललित कुमार ने शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। इसके बाद पूछताछ के आधार पर कानूनगो बंसी लाल और पटवारी अरुण धीमान को भी हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।
सेवानिवृत्ति से पहले गिरफ्तारी
बताया जा रहा है कि कानूनगो बंसी लाल कुछ ही दिनों में सेवानिवृत्त होने वाले थे। हालांकि, रिश्वतखोरी के आरोप सामने आने के बाद विजिलेंस ने उनके खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
विजिलेंस थाना मंडी में तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी।
डीएसपी विजिलेंस प्रियंक गुप्ता ने बताया कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। पुलिस रिमांड के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि रिश्वत मांगने की साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। साथ ही पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों की विस्तार से जांच की जाएगी।
