Himachal News: सरकारी धन के दुरुपयोग पर बड़ी कार्रवाई, शिक्षा विभाग ने मुख्य शिक्षक को किया बर्खास्त
हिमाचल प्रदेश में शिक्षा विभाग ने वित्तीय अनियमितताओं के मामले में बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए एक मुख्य शिक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
सरकारी धन के दुरुपयोग और परिवहन बिलों में गड़बड़ी के आरोप विभागीय जांच में सही पाए जाने के बाद यह सख्त फैसला लिया गया।
शिमला। शिक्षा विभाग ने वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों में मुख्य शिक्षक अशोक कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। अशोक कुमार पर आरोप था कि उन्होंने शिमला-3 में ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (बीआरसीसी) के पद पर कार्यरत रहते हुए सरकारी धन के उपयोग में गंभीर अनियमितताएं कीं। विभागीय जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा शिमला निशा भलूनी के कार्यालय से उनकी बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए।
विभागीय आदेशों के अनुसार जांच में पाया गया कि आरोपी शिक्षक ने परिवहन बिलों के भुगतान और सरकारी अभिलेख समय पर जमा करने में नियमों का पालन नहीं किया। इसके अलावा सरकारी धन के उपयोग में भी अनियमितताएं सामने आईं, जिन्हें गंभीर वित्तीय लापरवाही माना गया।
मामले की शुरुआत शिक्षा विभाग को मिली शिकायत से हुई थी। इसके बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के लिए विभागीय जांच अधिकारी नियुक्त किया। जांच के दौरान शिक्षक को अपना पक्ष रखने और आरोपों पर स्पष्टीकरण देने का पूरा अवसर भी दिया गया।
हालांकि, जांच अधिकारी को दिए गए स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए गए। विस्तृत जांच पूरी होने के बाद 30 जून 2026 को जांच रिपोर्ट विभाग को सौंपी गई, जिसमें शिक्षक के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए।
उल्लेखनीय है कि प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने पर शिक्षा विभाग ने पहले संबंधित शिक्षक को निलंबित किया था। अंतिम विभागीय जांच पूरी होने और आरोप सिद्ध होने के बाद अब उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
