गुरुद्वारा रातगढ़ साहिब में हुई बैठक, छह सदस्यीय कमेटी गठित; एसडीएम नाहन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय
क्या गुरु गोबिंद सिंह जी से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहर से हुई छेड़छाड़?
टोका साहिब में प्राचीन जामुन के पेड़ों की शाखाएं काटे जाने के मामले में सिख संगत में रोष, कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू।

कालाअंब (सिरमौर)। नाहन विकासखंड के अंतर्गत स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा टोका साहिब में प्राचीन जामुन के पेड़ों की ऊपरी शाखाएं काटे जाने का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र की सिख संगत में नाराजगी देखने को मिल रही है। सिख समुदाय का दावा है कि इन पेड़ों का पौधारोपण गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने करकमलों से किया था, जिसके कारण इनका धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। वर्तमान में गुरुद्वारा परिसर में ये जामुन और आम के पेड़ मौजूद हैं।
सिख समुदाय के कुछ प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि गुरुद्वारा की अस्थायी कमेटी के कुछ सदस्यों द्वारा संगत की सहमति के बिना ऐतिहासिक जामुन के पेड़ों की ऊपरी शाखाएं कटवा दी गईं। उनका कहना है कि इस कार्रवाई से सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इस मुद्दे को लेकर वीरवार को गुरुद्वारा रातगढ़ साहिब, नारायणगढ़ में सिख समुदाय की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जो मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। कमेटी में महिंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, गुरदीप सिंह, महिंद्र सिंह मियांपुर, रामचंद्र हुसैनी और लखविंदर सिंह को शामिल किया गया।
कमेटी के सदस्य महिंद्र सिंह ने कहा कि यदि बिना संगत की सहमति के ऐतिहासिक पेड़ों की कटाई की गई है तो यह अत्यंत गंभीर मामला है और इसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जल्द ही एसडीएम नाहन को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी।
